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योर मनी: क्यों लें होम लोन इंश्योरेंस

प्रकाशित Tue, 17, 2014 पर 12:27  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

योर मनी में इस बार फोकस करेंगे होम लोन इंश्योरेंस या मॉग्रेज इंश्योरेंस की। होम लोन लेने वाले की अगर किसी वजह से मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार वालों पर कर्ज का बोझ न पड़े और साथ ही उनका घर भी बना रहे, इसके लिए होम लोन इंश्योरेंस काम आता है, जो पॉलिसीहोल्डर की मृत्यु के बाद होम लोन की बची हुई रकम को कवर करता है।


ज्यादातर बैंकों का इंश्योरेंस कंपनी के साथ टाई-अप होता है और ये होम लोन देने के साथ ही होम लोन इंश्योरेंस भी देती हैं। लेकिन बैंक से इसे लेने से पहले अलग से दूसरी इंश्योरेंस कंपनी से भी कोट पता कर लें और अगर कहीं ये पॉलिसी सस्ती मिल रही है, तो आप अपने बैंक के साथ मोल-भाव करके सस्ते में होम लोन इंश्योरेंस ले सकते हैं। इस पॉलिसी को बैंक से लेने से फायदा होता है कि बाद में परिवार वालों को क्लेम के लिए ज्यादा पेपरवर्क नहीं करना पड़ता।


प्रीमियम की बात करें तो ये आपकी उम्र, लोन की रकम और अवधि पर निर्भर करेगा, जिसे आप एकमुश्त भी दे सकते हैं। वरना नियमित पेमेंट के तौर पर इसे ईएमआई के साथ जोड़कर भी वसूला जा सकता है। टर्म इंश्योरेंस और होम लोन इंश्योरेंस दोनों ही लाइफ कवर हैं, जिसमें पॉलिसीधारक की मृत्यु के बाद परिवार वालों को क्लेम दिया जाता है। लेकिन इसमें और टर्म प्लान में सिर्फ यही अंतर है कि टर्म प्लान में कवर हमेशा एक जैसा ही रहता है, वहीं होम लोन इंश्योरेंस में कवर लोन की रकम के हिसाब से घटता जाता है।


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