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जानिए टैक्स से जुड़े पेचीदा मामलों का हल

प्रकाशित Wed, 18, 2014 पर 16:41  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जानिए टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया से टैक्स बचत के आसान तरीके जो टैक्स से जुड़े मुश्किल से मुश्किल सवालों को आसान कर आपको करते हैं टेंशन फ्री।    


सवाल : सेक्शन 80ई की छूट कैसे और कितनी मिलती है, इसका कौन-कौन फायदा उठा सकते हैं?


सुभाष लखोटिया : सेक्शन 80ई की छूट उच्च शिक्षा के लोन के ब्याज पर मिल सकती है। लेकिन लोन रीपेमेंट पर कोई छूट नहीं मिलती। 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए गए लोन पर इस तरफ की छूट का फायदा उठाया जा सकता है। ये छूट अपने, पत्नी और बच्चों की शिक्षा के लिए ही मिलती है। सेक्शन 80ई के तहत ब्याज पर मिलने वाली छूट की कोई सीमा नहीं है, यह छूट 8 साल तक मिल सकती है।       


सवाल : कंपनी ने स्कूल फीस की रसीद लेने से मना किया अब क्या करें?


सुभाष लखोटिया : अगर स्कूल की रसीद में यह लिखा है कि ये स्कूल फीस है तो सेक्शन 80सी की छूट लेने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। लेकिन अगर स्कूल फीस का ब्रेक-अप दिया हो तो सिर्फ ट्यूशन फीस पर टैक्स छूट मिलेगी। आपको स्कूल से ट्यूशन फीस की रकम का सर्टिफिकेट लेकर अपने ऑफिस में जमा करना होगा।  


सवाल : लॉटरी पर टैक्स की देनदारी कैसे बनती है? 


सुभाष लखोटिया : सेक्शन 56(2) के तहत लॉटरी, क्रॉस वर्ड पजल और रेस पर टैक्स लगता है। सट्टेबाजी से होने वाली कमाई करदाता की इनकम में जुड जाती है और इस पर 30 फीसदी की दर से टैक्स लगता है। आयकर की धारा 194(बी) के तहत 10,000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर 30 फीसदी टीडीएस कटता है। घुड़दौड़ पर 5,000 रुपये से ज्यादा पेमेंट पर सेक्शन 194बीबी के तहत 30 फीसदी टैक्स लगता है।


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