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सीबीडीटी: ई-रिटर्न फाइलिंग के नियम सख्त

प्रकाशित Thu, 03, 2014 पर 19:32  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (सीबीडीटी) की नजर आप पर है। सीबीडीटी ने टैक्स पेयर पर निगरानी बढ़ा दी है। अब ई-रिटर्न भरने के पहले मोबाइल फोन नंबर और ईमेल आईडी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। बहाना है कि इनकम टैक्स विभाग हर टैक्सपेयर से सीधा संवाद करना चाहता है, मगर इस बहाने वो आपकी कमाई पर भी सीधा नजर रख रहा है। साथ ही 5 लाख रुपये से ज्यादा कमाने वालों के लिए ई-फाइलिंग जरूरी कर दी गई है।


इनकम टैक्स विभाग के नए नियमों के तहत अब सभी करदाताओं को मोबाइल नंबर और ईमेल का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन के लिए ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपने मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी डालने होंगे। इसके बाद वेरिफिकेशन के लिए इनकम टैक्स विभाग मोबाइल पर वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) भेजेगा। वहीं रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा करने के लिए ओटीपी डालना जरूरी होगा।


मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी रजिस्ट्रेशन एक ही बार कराना होगा। लेकिन मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी बदलने पर दोबारा रजिस्ट्रेशन कराना होगा। एक ईमेल आईडी या मोबाइल नंबर 4 से ज्यादा यूजर इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। इनकम टैक्स विभाग की सलाह है कि हर करदाता की अलग ईमेल आईडी होना बेहतर होगा।


बताया जा रहा है कि इनकम टैक्स विभाग और करदाता के बीच बेहतर संपर्क के लिए नया नियम अमल में लाया गया है। साथ ही करदाती के ई-फाइलिंग अकाउंट की सुरक्षा के लिए नया नियम बना है। दरअसल कई करदाता अपनी सुविधा के लिए दूसरों के ईमेल आईडी देते हैं। दूसरों की ईमेल आईडी की वजह से पासवर्ड रिसेट करने में भी दिक्कत आती है।


सीबीडीटी सूत्रों का कहना है कि नए नियम के अमल में आने के बाद करदाताओं से सहयोग नहीं करने वाले चार्टर्ड अकाउंटंटों की मनमानी पर रोक लगेगी। करदाताओं की जानकारी चार्टर्ड अकाउंटंटों के स्तर पर ही अटकी नहीं रही, इसलिए ये फैसला किया गया है। साथ ही करदाताओं के साथ होने वाली जालसाजी पर शिकंजा कसा जा सकेगा। वहीं इनकम टैक्स विभाग के पास स्क्रूटनी के लिए डाटाबेस तैयार हो सकेगा और लोगों को सीधे रिफंड करने में आसानी होगी।


टैक्स एक्सपर्ट मुकेश पटेल का मानना है कि आईटी विभाग के नए नियम बेतुके लग रहे हैं। उनके मुताबिक, इससे कंफ्यूजन बढ़ेगा और लोगों को दिक्कत होगी।


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