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योर मनी: इंश्योरेंस सिर्फ जोखिम कवर के लिए लें

प्रकाशित Sat, 19, 2014 पर 13:59  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सारी मेहनत की कमाई सालों में दोगुनी हो जाए, ये कौन नहीं चाहता, और पैसे को बढ़ाने की चाह में ही हम इन्वेस्टमेंट के अलग अलग, विकल्पों में निवेश करते हैं, लेकिन यहां जरूरी है समझना कि अच्छे रिटर्न के लिए नहीं बल्कि मात्र जोखिम कवर करने के लिए इंश्योरेंस लेना चाहिए, तो इंश्योरेंस के क्या हैं फायदे और इंश्योरेंस छोड़कर कहां लगाना चाहिए आपको पैसा, ये जानेंगे इन्वेंचर ग्रोथ और सिक्योरिटीज के मेहुल अशर से।


सवाल : पोता-पोती के नाम पर 2 मनी प्लस पॉलिसी ली हैं, 15 साल के लिए 10 हजार रुपये का प्रीमियम देना है। 7 साल का प्रीमियम भर दिया है। पॉलिसी देते वक्त एलआईसी ने पॉलिसी की मैच्योरिटी पर 20 साल बाद 32 लाख रुपये देने का वादा किया था। अगर अब मैं पॉलिसी रिडिम करता हूं तो मनी प्लस पॉलिसी से मुझे मात्र 90 हजार रुपये मिल रहे हैं। एलआईसी की मनी प्लस पॉलिसी में क्या करूं, क्या इससे निकलने में नुकसान होगा?


मेहुल अशर : पॉलसी लेने से पहले सभी शर्तों को अच्छे से पढ़ना जरूरी है। एजेंट ने आपको ज्यादा रिटर्न का झांसा देकर एलआईसी की पॉलिसी बेची है। 20 साल में इस पॉलिसी से 32 लाख रुपये मिलना नामुमकिन है। इसलिए आप यूलिप से निकल कर म्यूचुअल फंड में पैसा लगाएं तो बेहतर होगा। 5-6 साल के बाद अगर आपको 8-9 लाख रुपये चाहिए तो इसके लिए आप इक्विटी म्यूचुअल फंड के जरिए एक लार्जकैप और एक मिडकैप में एसआईपी कर सकते हैं। आप 90 हजार रुपये एकमुश्त लगा सकते हैं। और ध्यान रखें कि इंश्योंरेंस को रिटर्न के लिए नहीं बल्कि सिर्फ रिस्क कवर के लिए लेना चाहिए।       


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