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इनकम टैक्स रिटर्न से जुड़ी जरूरी बातें

प्रकाशित Sat, 26, 2014 पर 12:26  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इनकम टैक्स रिटर्न भरने की डेडलाइन बस आ ही गई है। अभी हम फाइनेंशियल ईयर 2013-14 के लिए रिटर्न भर रहे हैं। आईटी रिटर्न-फाइनल चेकलिस्ट में आपको रिटर्न फाइल करने से जुड़ी जरूरी बातों की जानकारी देंगे।


फाइनेंशियल ईयर के खत्म होने के बाद हर उस व्यक्ति को रिटर्न भरना होता है जिसकी सालाना आमदनी टैक्स के दायरे में आती है। इस फॉर्म में आमदनी और टैक्स के जुड़ी सारी जानकारी होती है। रिटर्न भरने के लिए फॉर्म 16, फॉर्म 16ए, पैन नंबर, विदेश में संपत्ति की जानकारी, बैंक अकाउंट नंबर और आईएफएस कोड जरूरी होता है।


आईटी रिटर्न भरते वक्त सही फॉर्म का चुनाव जरूरी है। सैलरी, पेंशन, अन्य स्रोत और 1 घर से आय होने पर आईटीआर 1 भरें। 5000 से ज्यादा करमुक्त आय हो तो आईटीआर 1 को नहीं भरना चाहिए। सैलरी, पेंशन, अन्य स्रोत से आय, कैपिटल गेन और प्रॉपर्टी से आय होने पर आईटीआर 2 फॉर्म भरना चाहिए। वहीं, बिजनेस इनकम होने पर आईटीआर 2 नहीं भरना चाहिए।


व्यक्ति/एचयूएफ जो पार्टनरशिप फर्म में पार्टनर हैं और जिनकी किसी भी तरह की इनकम हो उनके लिए आईटीआर 3 है। आईटीआर 4एस वो लोग भर सकते हैं जिनकी आय सेक्शन 44एडी और 44एई के तहत जोड़ी जाती हो। साथ ही, अनुमान के आधार पर बिजनेस इनकम जोड़ने पर आईटीआर 4एस भरें। व्यक्ति, एचयूएफ जिनकी बिजनेस या प्रोफेशन के साथ ही अन्य इनकम है तो वो आईटीआर 4 भरें।


सभी करदाता जिनकी कुल आय 5 लाख रुपये से ज्यादा है, उनके लिए ई-रिटर्न भरना अनिवार्य है। कॉरपोरेट टैक्सपेयर्स के लिए ई-रिटर्न भरना जरूरी है। व्यक्ति/एचयूएफ जिनकी विदेश में संपत्ति और टैक्स ऑडिट के दायरे में आने वाले लोगों को ई-रिटर्न भरना जरूरी है। आईटी रिटर्न भरते वक्त ध्यान रखें कि सही पैन नंबर भरें और सही फॉर्म चुनें। बैंक एफडी का ब्याज जरूर जोड़ें और नाबालिग बच्चों की इनकम जोड़ना अनिवार्य है।


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