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टैक्स गुरूः नौकरीपेशा लोग कैसे बचाएं टैक्स

प्रकाशित Sat, 06, 2014 पर 17:28  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

तनख्वाह पर गुजारा करने वालों की एक बड़ी परेशानी ये है कि सैलरी हाथ में आई नहीं कि उसमें से पहले ही एक बड़ा हिस्सा टैक्स के रूप में कट जाता है। मेहनत करके लोग पैसा कमाते हैं और जब यही पैसे इनकम टैक्स के रूप में सैलरी से कट जाते हैं तो कष्ट तो जरूर होता है। हम इस कष्ट को कम तो नहीं कर सकते हैं लेकिन टैक्स गुरू में ये वादा कर सकते हैं कि आपका टैक्स कम से कम कटे। आज नौकरीपेशा लोगों के टैक्स बचत से जुड़े सवालों के जवाब देंगे टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया।


सवालः नौकरीपेशा कर्मचारी के लिए टैक्स से जुड़ी नई बातें क्या है?   


सुभाष लखोटिया: नौकरीपेशा कर्मचारी के लिए सरकार टैक्स डिडक्शन पर हर साल सर्कुलर जारी करती है। सर्कुलर में एक साल में दो कंपनियों में नौकरी करने पर जरूरी जानकारी होती है। सर्कुलर के तहत मौजूदा कंपनी को पूरानी सैलरी और टीडीएस की पूरी जानकारी देनी चाहिए। जिससे कंपनी को टैक्स जोड़कर काटने में सुविधा होगी।


हाउस प्रॉपर्टी पर ब्याज के नुकसान पर छूट के दावें के लिए नुकसान का ब्यौरा और वेरिफिकेशन स्टेटमेंट देना जरूरी है। कर्मचारी कंपनी को अपने दूसरे स्त्रोंतों से आय पर टैक्स काटने के लिए भी कह सकता है।    


सवाल: पीएफ निकालने पर क्या टैक्स लगेगा? अगर नहीं निकालते तो क्या रकम पर ब्याज मिलती रहेगी?


सुभाष लखोटिया: अगर नौकरी के 5 साल पूरे नहीं हुए है तो पीएफ निकालने पर टैक्स लग सकता है। टैक्स प्लानिंग के दृष्टि से पीएफ ना निकालना बेहतर होगा। इनकम टैक्स के नियम 9 के शेड्यूल 4 में स्पष्ट नियम दिए गए है। आप अपना पीएफ नई नौकरी की जगह ट्रांसफर कर सकते हैं। यदि आप पीएफ नहीं निकलते तो आपको उस पर ब्याज मिलता रहेगा।    


सवाल: नौकरीपेशा कर्मचारी के सैलरी इनकम पर टैक्स छूट के क्या प्रावधान होते है?
         
सुभाष लखोटिया: सीबीडीटी के सर्कुलर नंबर 5 के तहत मुताबिक सैलरी इनकम के तहत प्रोफेशनल टैक्स पर छूट मिलेगी। ध्यान रखें कि कर्मचारियों को मिलने वाल स्टैंडर्ड डिडक्शन अब लागू नहीं है।


सवाल: पीएफ में किसी कर्मचारी का ज्यादा से ज्यादा योगदान कितना हो सकता है, जोकि किसी कर्मचारी के वेतन से नहीं जुड़े?


सुभाष लखोटिया: कर्मचारी की सैलरी के 12 फीसदी तक कंपनी पीएफ में डाले तो इसे कर्मचारी की इनकम नहीं माना जाएगा। सैलरी के 12 फीसदी से ज्यादा पीएफ में डालने पर कर्मचारी को टैक्स देना होगा।     


सवाल: 4 साल तक एक कंपनी में काम किया था। अब नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं। ईपीएफ का पैसा निकालने पर कंपनी ने टैक्स काट लिया। क्या ईपीएफ की रकम निकालने पर टैक्स लगेगा?    


सुभाष लखोटिया: पुरानी कंपनी से ईपीएफ का पैसा निकालने पर टैक्स लगेगा। नौकरी में 5 साल पूरे नहीं किए इसलिए ईपीएफ की रकम निकालने पर टैक्स लग सकता है।


सवाल: नौकरी बदलने पर पुरानी कंपनी में 6000 रुपये बतौर नोटिस पेमेंट दिया। नई कंपनी से उन्हें इस पर रीइंबर्समेंट नहीं मिला। क्या इस रकम पर टैक्स छूट मिलेगी?


सुभाष लखोटिया: कंपनी को बतौर नोटिस पेमेंट दी गई रकम पर किसी तरह की टैक्स छूट नहीं मिलेगी।


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