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टैक्स गुरु: नया डायरेक्ट टैक्स कोड

प्रकाशित Sat, 25, 2010 पर 17:32  |  स्रोत : Hindi.in.com

25 सितंबर 2010

सीएनबीसी आवाज़



टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया के मुताबिक नए डायरेक्ट टैक्स कोड में कुल 22 शेड्यूल हैं। हर शेड्यूल में अलग अलग टैक्स की जानकारी है।



शेड्यूल 1 में टैक्स की दरों का ब्यौरा है। डीटीसी के पहले शेड्यूल के भाग-3 में अन्य आय के लिए आयकर दिशानिर्देश हैं।



शेड्यूल 2 में रिफंड, डिविडेंड पर लगने वाले टैक्स के बारे में जानकारी है।


शेड्यूल 3-4 में टीडीएस का पूरा ब्यौरा है।



शेड्यूल 6 में आमदनी के जरिए शामिल किए गए हैं, जो आयकर मुक्त हैं।



शेड्यूल 7 में टैक्स ना देने वाले लोगों के नाम की सूची है।



शेड्यूल 19 में पीपीएफ पर लगने वाली टैक्स दरों के बारे में जानकारी दी गई है।


 


गैर सरकारी संस्थाएं/नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन



टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया के मुताबिक डीटीसी के चैप्टर 4 में 90-103 तक 14 सेक्शन हैं जिसमें नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन के लिए नए आयकर प्रावधान बताए गए हैं।



नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन को 1 लाख रुपये से ज्यादा के गुप्तदान पर 30 फीसदी आयकर देना होगा। ऐसे संस्थानों को मिलने वाली मौजूदा कॉर्पस डोनेशन छूट डीटीसी लागू होने के बाद भी जारी रहेगी।



नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन की कुल आय में से खर्चों को निकालकर जो रकम बचेगी उस पर आयकर लगाया जाएगा।


ईएलएलएस पर आयकर



सुभाष लखोटिया के अनुसार 31 मार्च 2012 तक ईजी लिंक्ड सेविंग स्कीम पर टैक्स छूट जारी रहेगी। डीटीसी लागू होने के बाद अप्रैल 2012 से ईएलएलएस पर कर छूट समाप्त की जाएगी। हालांकि, ईएलएलएस के तहत मिलने वाले रिफंड और डिविडेंड पर टैक्स छूट मिलती रहेगी।



टैक्स गुरू के मुताबिक अगर अभी ईएलएलएस में निवेश करते हैं और पॉलिसी की मैच्योरटी अप्रैल 2012 के बाद होती है तो भी उस पर टैक्स छूट मिलेगी।



मौजूदा नियमों के अनुसार यूलिप में 1 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स में छूट मिलती है। डीटीसी में यूलिप निवेश पर टैक्स छूट को खत्म कर दिया गया है।



डीटीसी में बीमा पर मिलने वाली टैक्स छूट की सीमा को भी 1 लाख रुपये से घटा कर 50,000 रुपये कर दिया गया है और 1 साल में सम एश्योर्ड के 5 फीसदी बीमा प्रीमियम पर ही आयकर की छूट मिलेगी।


 


नए डीटीसी टैक्स कोड से ना डरें: सुभाष लखोटिया


सुभाष लखोटिया का कहना है कि नए डीटीसी में भत्तों की परिभाषा में भी काफी बदलाव किया गया है और इसकी पूरी जानकारी टैक्स देनदारी के नियम आने के बाद ही मिल पाएगी।



घुड़दौड़, कार्ड गेम, लॉटरी, क्रॉसवर्ड से मिलने वाली आय पर कोई छूट नहीं मिलेगी। इनपर 30 फीसदी की दर से आयकर देना होगा।



एनआरआई को भारत में किए गए निवेश पर मिलने वाली आय पर 20 फीसदी का टैक्स देना होगा। अगर एनआरआई खिलाड़ी है तो उसके लिए आयकर की दर केवल 10 फीसदी होगी।


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