रिटायरमेंट प्लानिंग के 9 बेस्ट विकल्प -
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रिटायरमेंट प्लानिंग के 9 बेस्ट विकल्प

प्रकाशित Sat, 27, 2014 पर 13:05  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पूरी जिंदगी तो पैसा कमाने और जिम्मेदारियां निभाने में बीत जाती है। इसके बाद हर किसी को अगर कुछ चाहिए होता है तो वो है सुकून भरा रिटायरमेंट। लेकिन आराम से रिटायरमेंट की जिंदगी बिताने के लिए चाहिए बचत और फाइनेंशियल प्लानिंग। आज योर मनी के नवरात्रि स्पेशल एपिसोड में हम आपको बता रहे हैं रिटायरमेंट प्लानिंग के सबसे अच्छे विकल्प। इसके लिए फाइनेंशियल प्लानर हर्षवर्धन रुंगटा आज रिटायमेंट प्लानिंग के 9 सबसे अच्छे विकल्प आपको बताएंगे।


1. पीपीएफः पीपीएप पैसा बचाने के लिए बेहतरीन विकल्पों में से एक है। इसमें सिर्फ पैसा जमा करना है और इसपर ब्याज लेना है। पीपीएफ डेट में सबसे अच्छा विकल्प है और इसका ब्याज पूरा टैक्स फ्री होता है। इसकी ब्याज दर 8.7 फीसदी है। आप बैंक ऑर पोस्ट ऑफिस से पीपीएफ खोल सकते हैं। सुरक्षित निवेश का जरिया है।


2. ईपीएफः सैलरी में से 12 फीसदी ईपीएफ में जाता है। इसकी ब्याज दर 8.75 फीसदी है। ये रिटयरमेंट सेविंग्स स्कीम है। सैलरी पाने वाले ही इसका फायदा उठा सकते हैं। लेकिन आप पूरी रिटायरमेंट प्लानिंग नहीं कर सकते हैं।


3. एनपीएसः न्यू पेंशन स्कीम इसमें 80 सी के तहत 10 फीसदी टैक्स बचत हो सकती है। इसमें 6 अलग अलग फंड में निवेश की सुविधा है। इसमें निवेश की कोई ऊपरी सीमा नहीं है। इसमें सालाना न्यूनतम निवेश 6,000 रुपये का होता है। 30 फीसदी टैक्स स्लैब में आते हैं तो एनपीएस में सालाना 15,000 रुपये बचा सकते हैं। इसमें 18 साल से 55 साल की उम्र तक के लोग निवेश कर सकते हैं।


4. इंश्योरेंसः यूलिप, पेंशन प्रोडेक्ट, ट्रेडिशनल पॉलिसी के जरिए निवेश कर सकते हैं। लंबी अवधि में यूलिप के जरिए निवेश कर सकते हैं। 58 साल से पहले पेंशन प्रोडेक्ट से पैसे निकालने पर एक्जिट लोड लगता है। पेंशन प्लान, रिटायरमेंट प्लान जैसे कई इंश्योरेंस विकल्प चुन सकते हैं।


5. म्यूचुअल फंडः अगर लंबी अवधि के लिए निवेश करना है तो म्यूचुअल फंड में एसआईपी कर सकते हैं। इसमें भी 2 विकल्प हैं। चाहें तो आप म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं और चाहे तो इक्विटी में सीधा निवेश भी कर सकते हैं।


6. इक्विटीः इक्विटी के जरिए लंबी अवधि में अच्छा कोष इक्ट्ठा कर सकते हैं, हालांकि इसमें थोड़ा जोखिम है और इसमें आपको अपने निवेश के ऊपर नजर रखनी होती है। इक्विटी लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न देती है लेकिन इसमें थोड़ा जोखिम जरूर है।


7. टैक्स फ्री बॉन्डः जब आपके रिटायरमेंट के लिए 1-2 साल बचें और आपके पास कुछ कोष इकट्ठा हो जाए तो आप टैक्स फ्री बॉन्ड में निवेश कर सकते हैं। इसमें 10-20 साल का लॉक इन पीरियड होता है और ये सुरक्षिच निवेश का जरिया होता है। इसके ब्याज पर कोई टैक्स नहीं होता है। 


8. लॉन्ग टर्म डिपॉजिटः अगर आप निचले टैक्स स्लैब में आते हैं तो इनमें निवेश कर सकते हैं। इसमें ब्याज दर 11-12 फीसदी तक भी मिल सकता है। रिटायरमेंट के बाद नियमित रकम की सुविधा मिलती है।


9. रियल एस्टेटः निवेश के तौर पर आपका रियल एस्टेट में पैसा लगाना अच्छा विकल्प हो सकता है। अगर आप अपनी प्रॉपर्टी किराए पर देते हैं तो इसे रिटायरमेंट के बाद एक नियमित आय कह सकते हैं। इसे आप रिटायरमेंट के पहले और रिटायरमेंट के बाद भी कर सकते हैं।


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