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टैक्स गुरूः टैक्सी की बारीकियों पर नजर

प्रकाशित Sat, 27, 2014 पर 13:52  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स बचाने में आपकी एक बार फिर मदद करने आ गया है टैक्स गुरू। टैक्स सुभाष लखोटिया से जानेंगे कैसे सुलझा सकते हैं टैक्स से जुड़ी हर उलझन। टैक्स से जुड़ा कोई भी सवाल ऐसा नहीं है जो टैक्स गुरू ना हल कर सकें। आइये जानते हैं टैक्स से जुड़े आपके सवालों के जवाब।


सवालः रिटायरमेंट के बाद कुछ रकम मिली है और इस रकम से पत्नी और पोते को गिफ्ट देना चाहता हूं। कितनी रकम तक मैं गिफ्ट कर सकता हूं।


सुभाष लखोटियाः अगर आप पत्नी को गिफ्ट देते हैं तो इस गिफ्ट से मिली रकम पति की आय में जुड़ेगी और क्लबिंग ऑफ इमकम लागू हो जाएगा। वहीं अगर पोता 18 साल से ऊपर की आयु का है तो उसे दिए गए गिफ्ट पर टैक्स नहीं लगेगा हालांकि अगर पोता 18 साल से कम उम्र का है तो उसको मिले गिफ्ट से मिली रकम माता या पिता जिसकी भी आय ज्यादा होगी उसकी आय में जुड़ जाएगा।


सवाल: मार्च 2014 में एक प्रॉपर्टी बेचने पर 14 लाख रुपये का कैपिटल गेन हुआ है, हालांकि मुझपर बैंक का लोन भी है। लेकिन कोई ऐसा सुझाव बताएं जिससे टैक्स की बचत की जा सके?


सुभाष लखोटियाः घर बेचने पर हुए कैपिटल गेन से सबसे पहले बैंक के लोन का रीपेमेंट कर दें। बचे हुए पैसे को किसी प्रॉपर्टी में निवेश कर दें। इससे लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स बचत का फायदा होगा।


सवाल: कंपनी ने स्कूल फीस की रसीद लेने से मना किया अब क्या करें?


सुभाष लखोटिया: अगर स्कूल की रसीद में यह लिखा है कि ये स्कूल फीस है तो सेक्शन 80सी की छूट लेने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। लेकिन अगर स्कूल फीस का ब्रेक-अप दिया हो तो सिर्फ ट्यूशन फीस पर टैक्स छूट मिलेगी। आपको स्कूल से ट्यूशन फीस की रकम का सर्टिफिकेट लेकर अपने ऑफिस में जमा करना होगा।


सवालः घर में अगर अपना हिस्सा बेटे को गिफ्ट करते हैं तो क्या टैक्स लगेगा और किसको लगेगा?  


सुभाष लखोटिया: बेटे को प्रॉपर्टी गिफ्ट करने पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। प्रॉपर्टी गिफ्ट करने के लिए आप गिफ्ट डीड बनाएं। भविष्य़ में बेटा जब प्रॉपर्टी बेचेगा तो कैपिटल गेन उसे चुकाना होगा। गिफ्ट करने वाले व्यक्ति को जिस किमत पर प्रॉपर्टी मिली, वहीं कीमत बेटे के लिए मान्य होगी।


क्या पीएफ की वजह से इनकम टैक्स लग सकता है?


सुभाष लखोटिया: कर्मचारी के वेतन से 12 फीसदी से ज्यादा योगदान कर्मचारी की आय माना जाता है। ऐसी स्थिति में इनकम टैक्स लगता है। वहीं पीएफ खाते में सरकार की तय दर से ज्यादा ब्याज भी कर्मचारी की आय में जोड़ा जाता है। जिसपर टैक्स लागू होता है।


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