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टैक्स गुरु: कैसे करें वरिष्ठ नागरिक टैक्स प्लानिंग

प्रकाशित Sat, 04, 2014 पर 14:24  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक्सपर्ट सुभाष लखोटिया सुलझाएंगे वरिष्ठ नागरिकों की टैक्स से जुड़ी उलझन ताकि वो कर सके निवेश की बेहतर प्लानिंग।     
 
सवाल : सीनियर सिटीजन के लिए इनकम टैक्स का क्या मतलब होता है? वसीयत बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?


सुभाष लखोटिया : वरिष्ठ नागरिकों को भी टैक्स प्लानिंग करना जरूरी है और टैक्स के लिहाज से निवेश भी करना चाहिए। मंथली कैश प्लान की भी प्लानिंग करनी चाहिए। वरिष्ठ नागरिक अपनी संपत्ति/पैसा जिसे चाहे दे सकते हैं। वसीयत के जरिए पत्नी को कुछ भी दे सकते हैं। वसीयत से मिली संपत्ति पर क्लबिंग प्रावधान लागू नहीं लगता है। वसीयत बनाने से पहले संपत्ति की पूरी सूची बनानी चाहिए और फिर जिसे देना चाहते हैं उस हिसाब से वसीयत बनाएं। एक बार की हुई वसीयत बार-बार बदली भी जा सकती है।   


सवाल : क्या सीनियर सिटीजन को एडवांस टैक्स देना होता है? 


सुभाष लखोटिया : 60 साल के व्यक्ति को एडवांस टैक्स नहीं देना होगा और ये नियम सेक्शन 207 के तहत बुजुर्गों के लिए लागू है। सिर्फ बिजनेस या प्रोफेशन से इनकम होने पर ही बुजुर्गों को एडवांस टैक्स देना पड़ेगा। सीनियर सिटीजन रिटर्न भरने से पहले अपना टैक्स भर सकते हैं। 


सवाल : क्या सेक्शन 87ए का फायदा मौजूदा वित्त वर्ष में भी मिल सकता हैं? 


सुभाष लखोटिया : सेक्शन 87ए का फायदा वित्त वर्ष 2014-15 में भी मिल सकता है। सेक्शन 87ए के तहत 2000 रुपये की अतिरिक्त टैक्स छूट इस साल भी जारी रहेगी, इसमें कोई अभी बदलाव नहीं हुआ है। जिसकी इनकम 5 लाख रुपये से कम है, उनको सेक्शन 87ए का फायदा मिलेगा।


सवाल : सीनियर सिटीजन को किस सेक्शन के अंतर्गत मेडिकेल चेकअप के लिए 5,000 रुपये तक की छूट मिलेगी?       


सुभाष लखोटिया : सेक्शन 80डी के तहत सीनियर सिटीजन को मेडिकेल चेकअप के लिए 5,000 रुपये तक की छूट मिलेगी।

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