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टैक्स से जुड़ी हर बारिकियों का पाएं हल

प्रकाशित Sat, 18, 2014 पर 15:45  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा टॉपिक है जिसका नाम आते ही टेंशन हो जाती है, आपकी इसी टेंशन को दूर कर टैक्स को आसान बनाते हैं टैक्स गुरु। तो आइए टैक्स से जुड़ी हर बारिकियों पर लेते हैं टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया की सलाह।


सवाल : अगर किसी की मृत्यू के बाद क्या उसके नाम से इनकम टैक्स फाइल किया जा सकता है?


सुभाष लखोटिया : कानूनी तौर पर मृत व्यक्ति का रिटर्न भरना संभव है। सेक्शन 168 में मृत व्यक्ति का रिटर्न भरने का नियम है। जबतक संपत्ति का बंटवारा नहीं होता तबतक आईटी रिटर्न भरा जा सकता है। लेकिन अगर मृत व्यक्ति की आय अगर बांट दी जाएं तो उसे उसकी इनकम में नहीं जोड़ा जाएगा। बंटी हुई राशि जिन्हें मिलेगी उन्हें उस राशि पर टैक्स देना होगा। व्यक्ति की मृत्यू के बाद उनके कानूनी वारिस आईटी रिटर्न फाइल पर हस्ताक्षर कर रिटर्न भर सकते हैं।    


सवाल : क्या माता-पिता के लिए ली हुई मेडिक्लेम पॉलिसी के प्रीमियम पर टैक्स छूट मिलेगी? 


सुभाष लखोटिया : माता-पिता के लिए ली हुई मेडिक्लेम पॉलिसी पर आप टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं। सेक्शन 80डी के तहत पॉलिसी की प्रीमियम पर 20,000 रुपये तक की छूट मिलेगी। 


सवाल : बैंक 1.50 लाख रुपये की टैक्स सेविंग एफडी नहीं बना रहा है, अब क्या करें?


सुभाष लखोटिया : वित्त वर्ष 2014-15 के लिए बैंक 1.5 लाख रुपये की एफडी बनाएंगे। बैंक 1.50 लाख की एफडी बनाने के लिए इंकार नहीं कर सकते हैं। सेक्शन 80 सी की सीमा बढ़ी इसलिए अलग से कोई सर्कुलर नहीं बना है।


सवाल : 2002 में घर खरीदा था, जिसका होमलोन चुका दिया है और अब ये प्रॉपर्टी बेचना चाहता हूं। क्या इस कैपिटल गेन में से लोन का ब्याज घटाकर टैक्स बचा सकते हैं? 


सुभाष लखोटिया : आप कैपिटल गेन से ब्याज की रकम घटा सकते हैं। ब्याज की रकम प्रॉपर्टी की कीमत में जोड़ दी जाएगी। इस तरह से प्रॉपर्टी की खरीद कीमत बढ़ जाएगी और आपको फायदा मिलेगा।


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