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योर मनी: पॉलिसी लेते वक्त किन बातों का रखें ध्यान

प्रकाशित Sat, 01, 2014 पर 13:27  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पहली बार इंवेस्ट करना हो या फिर मौजूदा निवेश को लेकर कोई सवाल आपके मन में हों, योर मनी के जरिए हम आपको न सिर्फ निवेश की सही रणनीति बताते हैं, बल्कि निवेश के हर गुरूमंत्र से आपको कराते हैं रूबरू। हमारी कोशिश होती है आपके लिए एक कंपलीट फाइनेंशियल प्लान पेश करने की। तो आइए लेते हैं आपके सवालों के जबाव जानते हैं बजाज कैपिटल के ग्रुप सीईओ अनिल चोपड़ा से।


सवाल : मेरे पास 5 साल से आईसीआईसीआई लोंबार्ड हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी है। हेल्थ पॉलिसी में 3 लाख रुपये का कवर है। मैनें 21 सितंबर 2014 को 2 साल के लिए पॉलिसी रिन्यु कराई। पॉलिसी डॉक्यूमेंट में एक्सटेंशन एचसी-4 का क्लॉज जोड़ा गया। इस बारे में आईसीआईसीआई लोंबार्ड से सही रिस्पॉन्स नहीं मिला, क्या पॉलिसी पोर्ट करूं या रिस्पॉन्स का इंतजार?


अनिल चोपड़ा : हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी एक साल की होती है और इसमें हर साल पॉलिसी की शर्तों में बदलाव होता है। परंतु पॉलिसी की शर्तों में बदलाव के पहले कंज्यूमर को जानकारी देनी जरूरी होती है। हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी रिन्युअल के 45 दिन पहले तक संभव होता है। इस साल के लिए हेल्थ प्लान पोर्ट करना मुमकिन नहीं होगा। इसलिए आप अगले साल प्लान पोर्ट कर लें, जिसमें ऐसी सब-लिमिट ना हों। 


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