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टैक्स गुरु: कैपिटल गेन टैक्स से जुडी बारिकियां

प्रकाशित Mon, 03, 2014 पर 14:53  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पूरे साल हमारी कोशिश रहती है कि हम ज्यादा से ज्यादा टैक्स बचाएं। ऐसी फाइनेंशियल प्लानिंग करें, इस तरह का निवेश करें कि आखिर में टैक्स बचें लेकिन इनकम टैक्स सेक्शन और जल्दबाजी में हम कई बार उलझ जाते हैं और गलत कदम उठा लेते हैं और आपके इसी गलत कदम को सही करते है आपके टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया। आइए टैक्स को आसान और सरल बनाने के लिए जानते है टैक्सगुरु के गुरुमंत्र और साथ ही लेंगे आपके सावालों पर हल।    


सवाल : कैपिटल गेन टैक्स क्यों लगता है और इसे कैसे बचाएं?


सुभाष लखोटिया : कैपिटल गेन 2 तरह के होते हैं पहला लॉन्ग टर्म और दूसरा शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन। जैसा कैपिटल गेन वैसा उसका टैक्स एम्पैक्ट होता है। अगर संपत्ती को 3 साल से ज्यादा समय के बाद बेचा जाता है तो लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन होता है। लेकिन अगर इसे 3 साल से कम समय में बेचें तो शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन होता है।


वहीं शेयर मार्केट पर भी कैपिटल गेन टैक्स लगता है। अगर 1 साल बाद शेयर बेचा जाएं तो लॉंन्ग टर्म कैपिटल गेन होता है और 1 साल से कम समय में शेयर बेचा जाएं तो वह शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन होगा। एसटीटी चुकाए गए शेयर 1 साल के बाद बेचें तो उसपर कोई टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन अगर 1 साल से कम समय में शेयर बेचा जाएं तो उसपर 15 फीसदी टैक्स लगेगा। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स का फायदा मिलता है जिससे मुमकिन है कि आप अपने टैक्स को कम कर सकते हैं।


रियल एस्टेट में निवेश कर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स बचाया जा सकता है। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन होने के 1 साल पहले या 2 साल में प्रॉपर्टी में निवेश करने पर टैक्स की बचत होगी। वहीं लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के 3 साल में जमीन पर घर बना लें तो टैक्स बचत मुमकिन होगी। करदाताओं को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के तारीख और निवेश के समय का ध्यान रखना बेहद जरूरी होगा। अगर आप केवल रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी बेचते है तो सिर्फ कैपिटल गेन का निवेश जरूरी होगा। 


सवाल : एसटीटी चुकाए हुए शेयर से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन हो रहा है और ये इनकम छूट की सीमा से ज्यादा है। क्या टैक्स लगेगा?


सुभाष लखोटिया : एसटीटी चुकाए हुए शेयर से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन हो रहा है तो उसपर टैक्स नहीं लगेगा। फिर भले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन इनकम टैक्स छूट की सीमा से ज्यादा हों।


सवाल : फ्लैट का होल्डिंग्स पीरियड एग्रीमेंट या फिर पजेशन, किस तारीख से जोड़ा जाता है? 


सुभाष लखोटिया : आपको अक्टूबर 2012 में पजेशन मिला था, तो पजेशन की तारीख से कैपिटल गेन जोड़ना चाहिए। अब फ्लैट बेचंगे तो शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन लागू होगा। अगर आप पजेशन से पहले फ्लैट बेचते तो बेहतर होता। अब आप फ्लैट बेचंगे तो शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन लागू होगा।  पजेशन से पहले प्रॉपर्टी बेचना इसे प्रॉपर्टी में अपना अधिकार बेचना कहते हैं और इस तरह से आप कैपिटल गेन का फायदा उठा सकते थे।


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