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टैक्स गुरु: सुलझाएं टैक्स से जुड़ी हर उलझन

प्रकाशित Sat, 29, 2014 पर 12:56  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स से जुड़ी आपकी टेंशन को दूर करने के लिए हाजिर है टैक्स गुरु, जिसमें टैक्स एक्सपर्ट सुभाष लखोटिया सुलझाएंगे आपकी उलझन और बनाएंगे टैक्स को आसान। 


सवाल : वसीयत बनाते समय गवाहों का होना कितना जरूरी है?


सुभाष लखोटिया : वसीयत में कम से कम दो गवाह जरूरी है। एक गवाह से वसीयत मान्य नहीं होगी। दो से ज्यादा गवाह भी हो सकते हैं, लेकिन ध्या रखें कि वसीयत के गवाहों को लाभार्थी नहीं होना चाहिए। 


सवाल : पत्नी के नाम पर जो प्रॉपर्टी है उसे बिल्डर को दी है। वहां पर बिल्डर नया डेवलपमेंट करेगा और हमें 2 फ्लोर देगा। क्या इस पर टैक्स की देनदारी बनेगी?


सुभाष लखोटिया : पत्नी को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगेगा। डेवलपर के साथ पार्टनरशिप की है। बिल्डर को दिया गया फ्लैट प्रॉपर्टी में दोबारा निवेश माना जाएगा और इसलिए टैक्स की कोई देनदारी नहीं बनेगी। 


सवाल : खेती की जमिन का एडवांस जब्त करने पर क्या टैक्स देना होगा?


सुभाष लखोटिया : सेक्शन 56 में बदलाव से संपत्ति के एडवांस पर टैक्स लगेगा। लेकिन खेती की जमीन गैर पूंजीगत संपत्ति है। इसलिए खेती की जमीन के एडवांस पर टैक्स नहीं लगेगा।


सवाल : 10 लाख रुपये में घर खरीदा। रिटर्न में नहीं दिखाया। अब घर बेचने वालें हैं। टैक्स कैसे लगेगा?


सुभाष लखोटिया : कैपिटल गेन टैक्स की देनदारी बनेगी। अगर 3 साल पुरानी प्रॉपर्टी है तो लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन बनता है। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर आपको इंफ्लेक्शन इंडेक्स का फायदा मिलेगा और बची हुई रकम पर 20 फीसदी टैक्स देना होगा। फ्लैट को आईटी रिटर्न में दिखाना जरूरी नहीं होगा। लेकिन निवेश किए पैसों का प्रूफ आईटी विभाग मांग सकता है।    


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