Moneycontrol » समाचार » टैक्स

साल 2015 के लिए टैक्स गुरु के गुरुमंत्र

प्रकाशित Sat, 03, 2015 पर 15:53  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

हाजिर है टैक्स बचाने में आपकी मदद करने वाला आपका पसंदीदा शो टैक्स गुरू। नए साल में आपका सबसे बड़ा रिजॉल्यूशन क्या होना चाहिए, अगर आप तय नहीं कर पा रहे तो हम आपको बताते हैं। नए साल में आप तय कीजिए कि आप टैक्स प्लानिंग इस तरह से करेंगे कि टैक्स कम से कम चुकाना पड़े। और, इस काम में आपकी मदद करेंगे हमारे टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया, जो आपको देंगे साल 2015 के लिए 15 गुरुमंत्र, जिससे आप कर सकेंगे बेहतर टैक्स प्लानिंग।


1. टैक्स बचाने का पहला मंत्र
साल 2015 में 2 तरीकों से टैक्स बचाएं। पहला टैक्स की हर तरह की छूट और कटौती का फायदा उठाएं। दूसरा परिवार के सभी सदस्यों का इनकम टैक्स रिटर्न भरें।


2. कैसे करें टैक्स प्लानिंग
परिवार के सभी व्यस्क सदस्यों की अलग इनकम टैक्स फाइल बनाएं और सभी सदस्यों की आय नहीं होने पर उन्हें गिफ्ट देकर आय दिखाएं। बुजुर्ग माता-पिता के लिए मेडिक्लेम पॉलिसी लें और मेडिक्लेम पॉलिसी लेकर पर सेक्शन 80डीके तहत 20,000 रुपये की अतिरिक्त छूट लें


3. पति-पत्नी की टैक्स प्लानिंग
जीवनसाथी के लिए अलग इनकम टैक्स फाइल बनाएं और क्लबिंग के प्रावधानों का ख्याल रखें। खुद और जीवनसाथी के लिए सेक्शन 80सी की छूट का अलग-अलग फायदा उठाएं। ज्वाइंट प्रॉपर्टी और ज्वाइंट लोन से दोनों 2 लाख रुपये तक की अलग-अलग छूट ले सकते हैं। मेडिक्लेम पॉलिसी लेकर 15,000 रुपये की टैक्स छूट का फायदा उठाएं। 


4. बच्चों की टैक्स प्लानिंग
बहू के लिए अलग इनकम टैक्स फाइल बनाएं और इनकम क्लबिंग वाले ट्रांजेक्शंस से बचें। विवाहित बच्चों के लिए अलग एचयूएफ बनाएं। अविवाहित और बालिग बच्चों के लिए एजुकेशन लोन ले सकते हैं। गिफ्ट के जरिए अविवाहित बच्चों की अलग इनकम टैक्स फाइल बनाएं। नाबालिग बच्चे के नाम पर टैक्स छूट वाले फंड में निवेश करें। निवेश इस तरह करें जिससे उसकी इनकम आपकी इनकम से ना जुड़े। म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार में नाबालिग बच्चे के नाम से निवेश करें। नाबालिग के लिए वेलफेयर ट्रस्ट बनाने की भी सोच सकते हैं।


5. टैक्स बचत कैसे करें
नए साल पर जीवनसाथी को महंगे गिफ्ट ना दें क्योंकि गिफ्ट से होने वाली इनकम देने वाले की आय में जुड़ जाती है। तय करें कि घर खर्च पत्नी के एकाउंट से नहीं करेंगे। पत्नी अपनी बचत को निवेश कर फायदा कमा सकती है।


6. इंश्योरेंस से बचाएं टैक्स
पता करें कि आपका बीमा पर्याप्त है या नहीं, आमतौर पर ज्यादातर टैक्सपेयर्स का बीमा पर्याप्त नहीं होता है। ज्यादातर लोग सिर्फ 80सी का फायदा लेने के लिए इंश्योरेंस लेते हैं। बड़े लोन के बराबर रकम का टर्म इंश्योरेंस जरूर लें।


7. एनआरआई की टैक्स प्लानिंग
एनआरआई टैक्स बचत के नजरिए से विदेश जाने की तारीख अप्रैल 2015 के बाद की रखें। 1 अप्रैल-30 सितंबर के बीच विदेश जाने से एनआरआई होने का मौका मिल सकेगा। एनआरआई होने पर विदेश में कमाई पर भारत में टैक्स देनदारी नहीं होगी। एनआरआई को सिर्फ भारत में कमाई पर ही टैक्स देना होगा।


8. एसेट मैनेजमेंट और टैक्स
अपनी सभी जायदाद का रिकॉर्ड रखें। बैंक एफडी, एमएफ,.शेयर, ज्वेलरी वगैरह का रिकॉर्ड रखें। 2साल में कम से कम एक बार एसेट की गिनती जरूर करें। 


9. प्रॉपर्टी और टैक्स बचत
प्रॉपर्टी में निवेश कर मुनाफा कमाने का मौका पाएं और प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री सर्किल रेट ध्यान में रखकर करें। पति-पत्नी के संयुक्त नाम से प्रॉपर्टी खरीदें और पति-पत्नी दोनों टैक्स छूट का फायदा उठाएं। कम से कम 3 साल रखने के बाद ही प्रॉपर्टी बेचें तो आपको फायदा होगा।


10. निवेश और टैक्स बचत
सोने-चांदी की कीमत गिरने का इंतजार करें और सोना-चांदी सस्ता होने पर इनमें छोटा निवेश कर सकते हैं। ज्वेलरी खरीदने से फायदा नहीं क्योंकि रिसेल वैल्यू कम होती है। साल 2015 में फिजिकल गोल्ड के बजाए ईटीएफ या गोल्ड फंड खरीदें। 


11. बिजनेस और टैक्स
साल 2015 नया बिजानेस शुरू करने के लिए अच्छा मौका है। तय करें कि टैक्स कानून की नजर में बिजनेस की हस्ती क्या होगी।


12. शेयर बाजार और टैक्स
2015 में शेयर बाजार नई ऊंचाई छू सकता है तो 2015 में निवेश कर 2016 के बाद उसका मुनाफा लें। एक साल के लिए निवेश करें ताकि मुनाफा टैक्स फ्री हो। नए निवेशक इक्विटी म्युचुअल फंड में पैसा लगाएं और टैक्स प्लानिंग के नजरिए से डेट म्युचुअल फंड में निवेश ना करें। सरकारी कंपनियों के शेयर में निवेश फायदेमंद हो सकता है। 


13. प्रॉपर्टी और टैक्स
टैक्स बचाने के लिए किराए पर देने के लिए दूसरा घर लेना अच्छा है। किराए से आय के लिए कमर्शियल प्रॉपर्टी में निवेश भी बढ़िया है और किराए पर देने के लिए प्रॉपर्टी पर लोन का ब्याज टैक्स फ्री होता है।


14. बजट और टैक्स
नए साल के बजट पर नजर रखें। 2015-16 के बजट में टैक्स नियमों में बदलाव पर नजर रखें और नियमों में बदलाव के मुताबिक निवेश और टैक्स प्लानिंग का फैसला करें।


14. साल 2015 में क्या रखें ध्यान
वसीयत बनाएं या जरूरी होने पर उसमें बदलाव करें। टैक्स फ्री बॉन्ड में निवेश की योजना बनाएं। उन लोगों के नाम पर किसान विकास पत्र में निवेश करें जिनकी आय टैक्सेबल ना हो और टैक्स के साथ हेल्थ की भी प्लानिंग करें।


वीडियो देखें