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टैक्स गुरु: क्या होता हैं एन्युअल इंफॉर्मेशन रिटर्न

प्रकाशित Sat, 10, 2015 पर 15:25  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इनकम टैक्स आप भले हर साल देते हैं लेकिन उससे जुड़ी कई चीजें अक्सर आपको पता नहीं होती या बदल जाती हैं या आप तक सही समय पर जानकारी पहुंच नहीं पाती है। तो आइए टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया से हम लेंगे आपके उलझनों का हल और बनाएंगे टैक्स को आसान। 


सवाल : क्या होता है एन्युअल इंफॉर्मेशन रिटर्न और किन्हें भरना होगा ये रिटर्न?  


सुभाष लखोटिया : 99 फीसदी लोंगो को एन्युअल इंफॉर्मेशन रिटर्न भरने की जरूरत नहीं है। ये रिटर्न बैंक, म्यूचुअल फंड, बॉंन्ड, डिबेंचर जारी करने वाली कंपनियां, सब रजिस्ट्रार ऑफिस और आरबीआई को भरना होता है।


सेविंग्स बैंक अकाउंट में 10 लाख रुपये या ज्यादा का डिपॉजिटी, क्रेडिट कार्ड का 2 लाख से ज्यादा का पेमेंट, पीआईओ या राइट्स इश्यू के जरिए 1 लाख रुपये या ज्यादा का निवेश करना, 30 लाख या ज्यादा की अचल संपत्ती की खरीद-बिक्री करना, म्यूचुअल फंड में 2 लाख रुपये या उससे ज्यादा निवेश करना, बॉन्ड या डिबेंचर में 5 लाख रुपये या उससे ज्यादा निवेश करना और आरबीआई के जारी किए बॉन्ड में 5 लाख या उससे ज्यादा का निवेश करना इन सबकी जानकारी आयकर विभाग के द्वारा, इन संस्तानों के द्वारा भेजी जाती है।         


सवाल : पेंशन पॉलिसी 3 साल के बाद सरेंडर करने पर टैक्स की देनदारी कैसे बनती है?


सुभाष लखोटिया : पॉलिसी की शतों पर टैक्स देनदारी निर्भर होती है। आपने पेंशन पॉलिसी पर 80सी का फायदा नहीं लिया है इसलिए पूरी सरेंडर वैल्यू पर टैक्स देनदारी नहीं बनेगी। निवेशित रकम और सरेंडर वैल्यू के अंतर पर ही टैक्स कटेगा।


सवाल : सैलरी के साथ परीक्षा और होस्टेल इंचार्ज के लिए मेहताना मिलता है। टैक्स कैसे लगेगा?


सुभाष लखोटिया : परीक्षा के दौरान मिलने वाला मेहताना सैलरी नहीं प्रोफेशन से आय कहलाएगा। इसके अलावा खाने के लिए मिलने वाली रकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। 


सवाल : अब तक आईटी रिटर्न नहीं भरा, क्या साल 2010-11 से रिटर्न भर सकते हैं। पुराना टीडीएस वापस मिलेगा?


सुभाष लखोटिया : फॉर्म 45 या सुगम में इनकम टैक्स रिटर्न भरें। पिछले सालों के रिटर्न आप नहीं भर सकते हैं। असेसमेंट ईयर 2014-14 और 2014-15 के रिटर्न भर सकते हैं और आप इन्हीं सालों के रिटर्न पर टीडीएस के फायदा ले सकते हैं।


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