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आखिर क्यों जरूरी है फाइनेंशियल लिट्रेसी

प्रकाशित Wed, 14, 2015 पर 11:48  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सीएनबीसी आवाज के 10 साल पूरे होने के मौके पर यहां फाइनेंशियल लिट्रेसी के महत्व पर खास चर्चा की जा रही है। फाइनेंशियल प्लानिंग के महत्व और इसकी शुरुआत के बारे में बताने के लिए हमारे साथ हैं सीएनबीसी आवाज पर लगातार आ रहे जाने माने फाइनेंशियल प्लानर गौरव मशरूवाला और अर्णव पंड्या।


फाइनेंशियल लिट्रेसी की थीम हमने 4 हिस्सों में बांटी है, जहां हम आपको रूबरू कराएंगे, डीमैट अकाउंट खोलने के मकसद और मतलब से, साथ ही शेयर आपके पोर्टफोलियो में कितनी जगह ले सकते हैं। एसआईपी के जरिए निवेश करने में क्या है समझदारी और बैंक एफडी के क्या हैं फायदे।


गौरव मशरूवाला के मुताबिक फाइनेंशियल लिट्रेसी की शुरुआत बचपन से ही की जानी चाहिए। बच्चे को पहली बार मॉल ले जाने के एक दिन पहले उनको बता दें कि कल हम मॉल जाएंगे और वहां हमें कैसे पैसे खर्च करने हैं। बच्चों को खर्च के अलावा बचपन से ही बचत की जानकारी देनी भी जरूरी होती है। अपने परिवार के बजट की निगरानी करना भी जरूरी होता है। इसके अलावा हमें युवाओं को बैंक अकाउंट और निवेश के बारे में भी जानकारी देनी चाहिए।


गौरव मशरूवाला ने बताया कि डीमैट अकाउंट के जरिए ही निवेश की सुविधा मिलती है। आने वाले समय में डीमैट अकाउंट काफी महत्वपूर्ण हो जाएगा क्योंकि किसी व्यक्ति के सभी एसेट और लायबिलिटीज की जानकारी डीमैट अकाउंट में होगी।


गौरव मशरूवाला के मुताबिक अगर आपके पास समय और जानकारी हो तभी शेयर बाजार में निवेश करें कम जानकारी और समय के अभाव वाले निवेशक म्युचुअल फंड के जरिए शेयर बाजार में निवेश का रास्ता अपनाएं। इसके अलावा शेयर में निवेश करने के बाद संबंधित कंपनी के तिमाही, वार्षिक रिपोर्ट जरूर देखें।


गौरव मशरूवाला ने कहा कि एसआईपी निवेश का एक अच्छा विकल्प है। एसआईपी के जरिए पैसे बनाने के लिए आपको एसआईपी को आदत बनानी होगी। एसआईपी के जरिए निवेश के लिए अनुशासन बहुत जरूरी होता है। इसके अलावा एक लक्ष्य बना कर ही एसआईपी के जरिए निवेश किया जाना चाहिए।


गौरव मशरूवाला ने बताया कि एफडी करते समय हमें अपने लक्ष्य और एफडी के मैच्योर होने के समय को धायन में रखना चाहिए। हमें इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि एफडी उस समय मैच्योर हो जब पैसों की जरूरत हो।


अर्णव पंड्या ने कहा कि फाइनेंशियल लिट्रेसी से वित्तीय फैसले लेने में मदद मिलती है। अर्णव पंड्या के मुताबिक आय से ज्यादा ये जानना जरूरी होता है कि बचत कितनी हुई। बचत की शुरुआत जितनी जल्दी कर दी जाए फायदा उतना ही ज्यादा होगा। निवेश की शुरुआत छोटी रकम से किया अच्छा होता है। आगे चलकर कंपाउंडिंग से आपके पैसे बढ़त होती है।


अर्णव पंड्या के मुताबिक हमें निवेश करते समय पर्सनल फाइनेंस के हर टर्म के बारे में पता करना चाहिए। एक बात याद रखें ज्यादा रिटर्न में हमेशा रिस्क होता है। अर्णव पंड्या के मुताबिक पैसे बनाने के लिए हमें निवेश की आदत को बनाए रखना होगा।


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