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टैक्स गुरु: जानिए एडवांस रुलिंग के नियम

प्रकाशित Sat, 24, 2015 पर 14:15  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पूरे साल हम कोशिश करते हैं कि ज्यादा से ज्यादा टैक्स बचाएं और इसलिए हम कई तरह के निवेश भी करते हैं। लेकिन इनकम टैक्स के सेक्शन और हमारी जल्दबाजी में कई बार ज्यादा उलझ भी जाते हैं, तो आपकी इसी उलझन को दूर करने के लिए और टैक्स को आसान बनाने के लिए जानेंगे टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया की सलाह।


सवाल : एडवांस रुलिंग क्या होता है और इससे टैक्सपेयर्स को कैसे फायदा होता है?


सुभाष लखोटिया : एडवांस रुलिंग के नियम 1993 में शुरू किए गए थे। शुरू में ये नियम सिर्फ एनआरआई के लिए ही थे। एनआरआई अगर निवासी भारतीय के साथ ट्रांजैक्शन करें तो टैक्स की देनदारी पता करने के लिए ये नियम बनाए थे, लेकिन अब ये नियम निवासी भारतीयों के लिए भी लागू है। निवासी भारतीय अगर एनआरआई के साथ ट्रांजैक्शन करें तो टैक्स की देनदारी पता कर सकते हैं।


एडवांस रुलिंग के नियम सेक्शन 245एन में दिए गए है। फाइनेंस(2 एक्ट) के तहत निवासी भारतीय भी कुछ स्थितियों में एडवांस रुलिंग का फायदा ले सकते हैं। एनआरआई एडवांस रुलिंग के लिए अर्जी फॉर्म 34सी में सेक्शन 245क्यू के तहत जमा कर सकते हैं। वहीं निवासी भारतीय एडवांस रुलिंग की अर्जी फॉर्म 34डी/34ई में जमा कर सकते हैं। एडवांस रुलिंग के लिए 10,000 रुपये की फीस जमा करनी होती है।      


सवाल : होम लोन पर टैक्स छूट का फायदा कैसे उठा सकते हैं?


सुभाष लखोटिया : होम लोन के ब्याज पर सालाना 2 लाख रुपये तक की छूट मिलती है। पति-पत्नी ज्वाइंट प्रॉपर्टी पर टैक्स छूट का फायदा ले सकते हैं। अगर पति-पत्नी दोनों अपने-अपने पैसे बराबर हिस्से में प्रॉपर्टी में निवेश करते हैं तो दोनों को सेक्शन 24 के तहत अलग-अलग होम लोन के ब्याज पर 2-2 लाख रुपये तक की छूट मिलेगी।


सवाल : 1 साल की बेटी के लिए निवेश करना चाहता हूं। निवेश के अच्छे विकल्पों के बारे में बताएं।    


सुभाष लखोटिया : बेटी के लिए अभी से निवेश प्लानिंग करना बेहतर है। बेटी के नाम से ट्रस्ट बनवाया जा सकता है। बेटी के बालिग होने तक क्लबिंग प्रावधान नहीं लागू होगा और ट्रस्ट की इनकम आपकी इनकम में नहीं जुड़ेगी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के एम के दोशी केस के फैसले को ध्यान में रखकर ट्रस्ट बनाएं।  


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