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निवेश पर टैक्स छूट सीमा 2.5 लाख रु हो

प्रकाशित Thu, 05, 2015 पर 13:34  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि इंवेस्टमेंट्स को बढ़ावा देने के लिए टैक्स छूट बढ़ा देनी चाहिए। पिछले बजट में ही टैक्स छूट की लिमिट 50,000 रुपये बढ़ाई गई थी लेकिन राजन के मुताबिक वो काफी नहीं है। राजन ने कहा कि ये छूट अब 1.5 लाख रुपये से ज्यादा करने का समय आ गया है।


रघुराम राजन ने टैक्स छूट सीमा 1.5 लाख से ज्यादा करने का सुझाव दिया है। उनके मुताबिक इससे महंगाई रोकने में मदद मिलेगी। सरकार के पास खर्च करने के लिए ज्यादा पूंजी होगी और सप्लाई बढ़ाने में मदद मिलेगी। टैक्स छूट सीमा बढ़ने से पीपीएफ, पीएफ, न्यू पेंशन स्कीम, बीमा में ज्यादा पैसा आएगा और एनएससी और ईएलएसएस में भी ज्यादा पैसा जाएगा।


वाइजइंवेस्ट एडवाइजर्स के सीईओ हेमंत रुस्तगी का कहना है कि निवेश पर 1 लाख रुपये तक की छूट काफी समय से थी और अब अगर ये सीमा बढ़ाई जा सकती है तो इससे निवेशकों को भी फायदा होगा और सरकार के पास भी ज्यादा पूंजी आएगी। अगर इस सीमा में 50,000-1 लाख रुपये तक और जोडे जाए तो इससे पारंपरिक माध्यमों के अलावा भी और विकल्प में पैसे जाएंगे।


आदर्श तौर पर निवेश पर टैक्स छूट सीमा 2.5 लाख रुपये तक होनी चाहिए लेकिन ऐसा होना मुश्किल है। ज्यादा से ज्यादा इस बार ये सीमा 2 लाख रुपये तक बढ़ाई जा सकती है। ईएलएसएस जैसी स्कीम में पैसा लगाना काफी अच्छा विकल्प हो सकता है। इससे ना सिर्फ टैक्स बचत की सीमा बढ़ेंगी बल्कि निवेशकों का रुझान इक्विटी की ओर भी बढ़ेगा।


पहली बार इक्विटी में निवेश करने वाले निवेशकों के पास ईएलएसएस से अच्छा विकल्प नहीं है। इसमें 3 साल के लिए पैसा लॉकइन हो जाता है और अपने आप लंबी अवधि के लिए पैसा जुडना शुरू होता है।


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