इंश्योंरेंस में पॉलिसी सरेंडर पर हर्ष रूंगटा की राय -
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इंश्योंरेंस में पॉलिसी सरेंडर पर हर्ष रूंगटा की राय

प्रकाशित Sat, 14, 2015 पर 13:56  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अगर सही प्लानिंग हो तो बड़े बड़े सपनों को पूरे करना भी काफी आसान हो जाता है। योर मनी में हमारा फोकस हमेशा आपकी पूरी फाइनेंशियल प्लानिंग, पर होता है, जिसके लिए जरूरी है इन्वेस्टमेंट के साथ साथ इंश्योरेंस की भी सही समझ। आज आपके इंश्योरेंस से जुड़े सवालों के जवाब देंगे अपना पैसा डॉटकॉम के हर्ष रूंगटा।


सवालः इंश्योरेंस पॉलिसी पर सलाह चाहिए। मेरे पास एलआईसी की पॉलिसी है जिसका सालाना प्रीमियम 16730 रुपये है। अब तक 4 प्रीमियम दिए हैं और 20 साल तक प्रीमियम भरना है। 25 साल बाद 13 लाख रुपये मिलेंगे और इसमें 4 लाख का इंश्योरेंस भी है। इस पॉलिसी को रखूं या सरेंडर कर दूं?


हर्ष रूंगटाः पॉलिसी सरेंडर करने पर कुछ पैसे मिल रहे हैं तो सरेंडर कर दें। पॉलिसी सरेंडर करके एक टर्म इंश्योरेंस खरीदें और म्यूचुअल फंड में पैसे डालें। 50 लाख रुपये के टर्म कवर का सालाना प्रीमियम करीब 7000 रुपये होगा। वहीं म्यूचुअल फंड में 20 साल तक 1000 रुपये हर माह लगाएंगे तो 25 साल में करीब 16 लाख रुपये जुट जाएंगे।


अगर आपको प्रीमियम नहीं देना लेकिन पॉलिसी भी जारी रखनी है तो पेड-अप करा सकते हैं। इसमें प्रीमियम नहीं देना होता लेकिन सम अश्योर्ड घट जाता है। बचा हुआ सम अश्योर्ड ही पॉलिसी की पेड-अप वैल्यू होता है और पेड-अप कराने पर बोनस भी नहीं मिलता है।


सवालः टैक्स सेविंग के लिए एक्सिस लॉन्ग टर्म इक्विटी, फ्रैंकलिन इंडिया टैक्स शील्ड में निवेश करना चाहता हूं। मैं 7000 रुपये हर माह निवेश करना चाहता हूं।


हर्ष रूंगटाः आप रिस्क मैनेजमेंट पर फोकस करें। टर्म कवर बढ़ाकर कम से कम 75 लाख रुपये करें क्योंकि 20 लाख काफी नहीं हैं। जीवन आनंद पॉलिसी लॉन्ग टर्म लक्ष्यों के लिए उपयुक्त नहीं है तो इससे निकल जाएं।


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