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टैक्स गुरूः बजट ने तोड़े टैक्सपेयर्स के सपने

प्रकाशित Sat, 07, 2015 पर 14:50  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

2015 का बजट आ चुका है। हम आपके लिए डिकोड करने जा रहे हैं बजट 2015। इस बजट में टैक्सपेयर्स को क्या मिला, उन्होंने क्या खोया नए बजट में। आइए इसको समझते हैं टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया से।


वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट पेश करते समय कई घोषणा की, कई बार अपनी पीठ थपथपाई, सरकार के कमिटमेंट का भरोसा दिलाया और कहा कि देश के हर टैक्सपेयर को मिलने जा रहा है 4,44,000 रुपये फायदा। तो 4,44,000  रुपये का फायदा कितना सही है, इसके गणित को समझते हैं लखोटियाजी के साथ।


सवालः लखोटियाजी इसके गणित को समझाइये, इसके फायदे को समझाइये, है फायदा या नहीं है?


सुभाष लखोटिया: वास्तव में इंडिविजुअल टैक्सपेयर को इस तरह का कोई फायदा नहीं है। वर्तमान में 2,50,000 रुपये तक  इनकम टैक्स नहीं लगता, 1,50,000 रुपये तक हम 80सी में निवेश करें तो इनकम टैक्स नहीं लगता, कुल मिला कर 4,00000 रुपये का फायदा हो गया, जो 99 फीसदी लोगों को मिलता है। अब आइये वेतनभोगी कर्मचारी की बात करें, उसको छूट मिलती है, ट्रांसपोर्ट एलाउंस की, जिसको बढ़ाकर 1600 रुपये कर दिया गया है। लेकिन सभी लोग तो एम्प्लाइज नहीं हैं। इसी तरह की कुछ और छूट मिली है। लेकिन उससे जितनी बचत होगी। उससे ज्यादा नुकसान टैक्सपेयर को सर्विस टैक्स के भुगतान में उठाना होगा। कुल मिला कर इस बजट ने टैक्सपेयर्स के सपने तोड़ दिए हैं।


टैक्स गुरू, सुभाष लखोटिया का कहना है कि बजट से पहले करदाताओं को काफी उम्मीदें थीं लेकिन बजट में नौकरीपेशा वर्ग, कर्मचारियों के लिए कुछ खास छूट नहीं दी गई है। करदाताओं को लुभाने के लिए उन्होंने कॉरपोरेट टैक्स कम करने के लिए कहा जरूर है लेकिन ये भी धीरे धीरे घटाया जाएगा।


हालांकि 80डी के तहत अगर मेडिकल पॉलिसी लेते हैं तो इसके प्रीमियम पर अब 25000 रुपये तक की छूट मिल सकेगी और अब बुजुर्गों को लिए भी हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर छूट बढ़ाई गई है। ये कुछ अच्छे कदम है लेकिन फिर भी ये छूट तो तभी मिलेगी जब नागरिक निवेश करेंगे। यानी पैसा बचाने के लिए पैसा खर्च करना होगा।


हालांकि ट्रैवल अलाउंस में बढ़ोतरी कर कुछ राहत देने की बात की है लेकिन दूसरी तरफ सर्विस टैक्स में इजाफा करके जेब खाली करने का प्रावधान भी कर दिया गया है। दूसरी तरफ एजूकेशन सेस और स्वच्छ भारत सेस लगाकर भी करदाताओं की जेब हल्की करने का रास्ता खोल दिया गया है।


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