योर मनी: कैसे करें पोर्टफोलियो का मेकओवर -
Moneycontrol » समाचार » निवेश

योर मनी: कैसे करें पोर्टफोलियो का मेकओवर

प्रकाशित Sat, 14, 2015 पर 14:31  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

फाइनेंशियल पोर्टफोलियो बनाने का मतलब ये नहीं होता कि आप बहुत सारे म्युचुअल फंड से अपना पोर्टफोलियो भर दें, इसलिए जरूरी है कि पोर्टफोलियो का मेकओवर हो। सही एसेट एलोकेशन, जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है सही डायवर्सिफिकेशन यानी पोर्टफोलियो में सही बैलेंस रखना। योर मनी में हम इसी पर फोकस करेंगे और साथ ही रूंगटा सिक्योरिटीज के डायरेक्टर हर्षवर्धन रूंगटा से जानेंगे आपके सवालों के जवाब।


रूंगटा सिक्योरिटीज के डायरेक्टर हर्षवर्धन रूंगटा का कहना है कि डाइवर्सिफिकेशन जोखिम कम करने का तरीका है। हालांकि हर निवेश में जोखिम होता ही है। इक्विटी, बैंक एफडी, रियल एस्टेट हर तरह के निवेश में जोखिम होता है। इक्विटी में बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम होता है और सिस्टेमैटिक रिस्क भी होते हैं। 2008 में इक्विटी बाजार वैश्विक मंदी का शिकार हुआ था। इक्विटी में हम सिस्टेमैटिक रिस्क से बच नहीं सकते हैं।


बैंक एफडी में इंफ्लेशन और रि-इन्वेस्टमेंट रिस्क होता है। बैंक एफडी में मिलने वाला रिटर्न इंफ्लेशन रेट से भी कम होता है और निवेश से सही मायने में कुछ खास रिटर्न नहीं मिलता है। इसमें जरूरी नहीं कि ऊंची ब्याज दर का फायदा हमेशा मिलें। ब्याज दर नीचे जाने पर बैंक एफडी से कम रिटर्न भी मिलता है। रियल एस्टेट निवेश में लिक्विडिटी नहीं मिलती है। रियल एस्टेट को टुकड़ों में बेचना काफी मुश्किल होता है। रियल एस्टेट में निवेश के लिए बड़ी रकम चाहिए। इसतरह हर तरह के निवेश की कुछ कमियां, कुछ खूबियां होती है।


हर्षवर्धन रूंगटा के मुताबिक आदर्श पोर्टफोलियो में हर तरह के एसेट होते हैं, इसमें इक्विटी, डेट, रियल एस्टेट, गोल्ड का मिक्सर होता है और इस पोर्टफोलियो का लक्ष्य 10 फीसदी से ज्यादा रिटर्न कमाना होना चाहिए। लेकिन याद रहें कि आदर्श पोर्टफोलियो के लिए डाइवर्सिफिकेशन जरूरी हैं। 


वीडियो देखें