टैक्स गुरूः नए वित्त वर्ष की टैक्स प्लानिंग -
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टैक्स गुरूः नए वित्त वर्ष की टैक्स प्लानिंग

प्रकाशित Fri, 27, 2015 पर 15:34  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स का नाम आते ही लोग परेशान हो जाते हैं लेकिन टैक्स गुरू का नाम आते ही सारी परेशानियां दूर हो जाती है। हर हफ्ते सीएनबीसी आवाज़ के साथ जुड़कर आप बचा सकते हैं अपना टैक्स। टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया से जानें आपकी सारी परेशानियों के हल।


सवालः बजट 2015 के तहत खाते में कितना कैश डाल और निकाल सकते हैं?


सुभाष लखोटियाः अपने बैंक अकाउंट से जितना चाहे कैश निकाल और डाल सकते हैं। इस पर कोई रोक नहीं है बजट में प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन में कैश लेनदेन पर रोक लगाई गई है। प्रॉपर्टी में 20,000 रुपये से ज्यादा कैश का लेनदेन अब गलत कहलाएगा। खरीदार 20,000 रुपये से ज्यादा कैश पैसे नहीं ले सकता है। प्रॉपर्टी 20,000 रुपये से ज्यादा की है तो भुगतान चैक या बैंक ड्राफ्ट के जरिए ही करें।


सवालः एनपीएस में कैसे निवेश करें ताकि अतिरिक्त छूट का फायदा मिले? क्या सेल्फ एम्पलॉयड व्यक्ति एनपीएस में निवेश कर 50,000 रुपये की अतिरिक्त छूट ले सकता है?


सुभाष लखोटियाः  बजट में नया सेक्शन 80सीसीडी (आईबी) लाया गया है। इसके तहत 50,000 रुपये की अतिरिक्त छूट मिलेगी। लेकिन ये छूट 80सी की छूट से अलग है। ये छूट सभी इंडीविजुएल को मिलेगी। खुद का काम करने वाले व्यक्ति भी एनपीएस में निवेश कर सकते हैं।


सवालः आरडी खातों पर अब टैक्स का प्रस्ताव है, अगर खाते पर टीडीएस कटता है तो क्या करना होगा?


सुभाष लखोटियाः  आरडी खाते से मिलने वाला ब्याज इनकम में जोड़ा जाएगा और इस खाते के ब्याज पर टैक्स कटेगा। अगर रिकरिंड डिपॉजिट का ब्याज 1 साल में 10,000 रुपये से ज्यादा है तो इस पर टीडीएस कटेगा।


सवालः क्या एफडी और आरडी का ब्याज मिलाकर 10,000 रुपये होने पर टीडीएस कटता है?


सुभाष लखोटियाः एफडी और आरडी खाते का ब्याज मिलाकर देखा जाएगा। अगर ब्याज 10,000 रुपये से ज्यादा है तो टीडीएस कटेगा।


सवालः क्या बजट में सेक्शन 80यू के तहत छूट बढ़ाई गई है?


सुभाष लखोटियाः सेक्शन 80 यू के तहत छूट बढ़ाकर 75,000 रुपये की गई है।


सवालः सालाना किराए पर टीडीएस और सर्विस टैक्स के बारे में बताएं?


सुभाष लखोटियाः अगर प्रॉपर्टी का किराया सालाना 10 लाख रुपये से ज्यादा आता है तो सर्विस टैक्स लगता है। बजट में सर्विस टैक्स बढ़ाया गया है। वहीं अगर रेसिडेंशियल या कमर्शियल प्रॉपर्टी से साल भर में 1.80 लाख रुपये से ज्यादा इनकम आ रही है तो किराया देने वाला व्यक्ति टीडीएस काटकर देगा।


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