Moneycontrol » समाचार » फाइनेंशियल प्लानिंग

बाजार की तेजी: क्या करें म्युचुअल फंड निवेशक

प्रकाशित Sat, 09, 2010 पर 11:57  |  स्रोत : Hindi.in.com

9 अक्टूबर 2010

सीएनबीसी आवाज़



बाजार रोज नई-नई उंचाई पर जा रहे हैं। निवेशकों को लगता है कि बाजार की तेजी का फायदा उठा लेना चाहिए और म्युचुअल फंड के बजाय शेयरों में निवेश कर देना चाहिए।


पराग पारिख फाइनेंशियल एडवाइजरी सर्विसेज के सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर जयंत पई का मानना है कि बाजार की तेजी और गिरावट से प्रभावित होने की बजाय अपनी जरूरत के मुताबिक निवेश करना चाहिए। हां अगर आपको अगले एक साल में पैसों की जरूरत हो तो अभी पैसे निकाल लेना चाहिए। शेयरों से कुछ पैसे निकालकर डेट फंड में लगाया जा सकता है।



जयंत पई के अनुसार अच्छे रिटर्न के लिए कुछ बेसिक बातें ध्यान में रखें। व्यक्ति अपनी आय का 30 फीसदी निवेश कर सकते हैं। जैसे-जैसे आमदनी बढ़ती है आपको निवेश की राशि भी बढ़ानी चाहिए।




जयंत पई की नए निवेशकों के लिए सलाह है कि पहली बार निवेश करने वाले निवेशकों को सेक्टोरियल, थीमैटिक फंड में पैसा नहीं लगाना चाहिए। हमेशा अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड वाले फंड में निवेश करना चाहिए अर्थात जो फंड बाजार में पहले से मौजूद हों। उन फंडों पर ध्यान रखें जो निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे रहे हों जिससे आपके पैसे के खोने का जोखिम कम हो।




निवेशकों को अपना पोर्टफोलियो हर दो साल पर बैलेंस करना चाहिए। जयंत पई के अनुसार एसआईपी कभी भी शुरू कर सकते हैं। हालांकि जब बाजार ऊंचाई पर चल रहे हो तो एसआईपी शुरू करने का सबसे सही समय होता है।

 
अगर एसआईपी माध्यम से 15 साल के निवेश के लिए 10,000-16,000 रुपये लगाना चाहते हैं तो आपको लार्ज और मिडकैप फंडो में बराबर का निवेश करना चाहिए।


जयंत पई के अनुसार एसआईपी माध्यम से बेंचमार्क सीएनएक्स 500 फंड (इंडैक्स फंड), फ्रैंकलिन ब्लूचिप जो एक लार्जकैप फंड है, सुंदरम मिडकैप फंड, डीएसपी इक्विटी फंड जो लार्ज और मिडकैप का मिलाजुला फंड में भी पूंजी का बरावर निवेश किया जा सकता है।



अगर आप 5 साल के निवेश करना चाहते हैं अपने पैसे पर ज्यादा जोखिम नहीं ले सकते हैं। जयंत पई के मुताबिक 5 साल के निवेश के लिए बैलेंस्ड फंड में निवेश किया जा सकता है। ज्यादातर बैलेंस्ड फंड में 65 फीसदी या उससे ज्यादा का इक्विटी एलोकेशन होता है।



जयंत पई के मुताबिक आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एडवाइजर फंड (कॉशियस प्लान) जिसमें 81:19 का डेट इक्विटी रेश्यो होता है। आईडीएफसी कन्जर्वेटिव एसेट एलोकेशन फंड जिसमें 87:13 का डेट इक्विटी रेश्यो होता है। इसके अलावा एफटी इंडिया लाइफ स्टेज एफओएफ प्लान 505 प्लस (70:30) में भी निवेश कर सकते हैं। इनमें इक्विटी एलोकेशन कम होने की वजह से जयंत पई ने ये फंड चुने हैं।



अगर नियमित रिटर्न चाहिए तो शॉर्ट टर्म डेट फंड में निवेश करें और हर महीने पैसा निकालें। हालांकि डेट फंड या एमआईपी में भी मंथली डिविडेंड की गारंटी नहीं मिलती है।


अगर आपकी आयु ज्यादा है और आपको नियमित रिटर्न चाहिए तो केवल म्युचुअल फंड के भरोसे नहीं रहना चाहिए। आपको अपनी जरूरतों और जोखिम उठाने की क्षमता के आधार पर म्युचुअल फंड या फिर बैंक एफडी में पैसा लगाने के बारे में फैसला करना चाहिए। 60 साल के बाद व्यक्ति सीनियर सिटीजन बॉन्ड में भी निवेश कर सकते हैं।


जयंत पई ने सलाह दी है कि 20,000 रुपये के निवेश के लिए इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम के माध्यम से निवेश किया जा सकता है। इसके लिए उन्होंने दो अच्छे ईएलएसएस में बराबर निवेश करने की सलाह दी है। 10,000-10,000 रुपये लार्जकैप ईएलएसएस और मिडकैप ईएलएसएस में लगाए जा सकते हैं।


 


जयंत पई का कहना है कि फ्रैंकलिन टैक्सशील्ड और एचडीएफसी टैक्ससेवर अच्छे लार्जकैप फंड हैं। साथ ही अच्छे मिडकैप फंड में सुंदरम टैक्स सेवर और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल टैक्स सेवर में पैसा लगाया जा सकता है।


वीडियो देखें