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टैक्स गुरु: सुलझाएं टैक्स से जुड़ी आपकी उलझन

प्रकाशित Mon, 18, 2015 पर 11:49  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा टॉपिक है जिसका नाम आते ही टेंशन हो जाती है, आपकी इसी टेंशन को दूर कर टैक्स को आसान बनाते हैं टैक्स गुरु। तो आइए टैक्स से जुड़ी हर बारिकियों पर लेते हैं टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया की सलाह।


सवाल: फाइनेंस बिल 2015 पास हो चुका है। इस बिल के पास होने के बाद हमारी जिंदगी में कितने बदलाव  आने वाले हैं?


जवाब: इस बिल से विदेशी कंपनियों को फायदा होने वाला है। अब मैट की राहत विदेशी कंपनियों को भी दी जाएगी। अब विदेशी संपत्ति होने पर सभी वर्ग के करदाताओं को रिटर्न भरना जरूरी है। हां, केवल रेसीडेंट बट नाट ऑर्डिनरिली रेसीडेंट के लिए ये नियम लागू नहीं होंगे। हमारे उद्योग में लगे हुए लोगों को अलग-अलग प्रकार की सब्सिडी मिलती है। अब ऐसे लोगों को परेशानी होने वाली है, क्योंकि अब सब्सिडी को आय माना जाएगा और उसपर टैक्स लगेगा। एक और बदलाव ये किया गया है कि अब अतिरिक्त डेप्रिसिएशन और अतिरिक्त निवेश अलाउंस तेलंगाना और आंध्रप्रदेश के साथ ही अन्य राज्यों जैस बिहार और पश्चिम बंगाल में भी लागू होगा जिससे उद्योगपतियों को फायदा होगा।


सवाल: मैं नौकरी पेशा हूं और मैंने एक कंपनी में 4.5 साल नौकरी की उसके बाद उस कंपनी को छोड़कर दूसरी कंपनी ज्वाइन की है। क्या अब मैं पीएफ निकाल लूं तो टीडीएस कटेगा की नहीं कटेगा?


जवाब: अगर आप पीएफ की राशि निकालेंगे तो आपको टैक्स भरना पड़ेगा क्योंकि आपने लगातार 5 साल तक एक कंपनी में नौकरी नहीं की है।


सवाल: मेरा वेतन 50 हजार रुपये प्रति माह है, जिसपर कंपनी टैक्स काट लेती है। इसके अलावा मुझे फ्रीलांसिंग से भी 50 हजार रुपये महीने की अतिरिक्त आय होती है। फ्रीलांसिंग में मेरी पत्नी मेरी सहायता करती है जिसके एवज में मैं अपनी पत्नी को 26 हजार रुपये नकद हर महीने दे देता हूं। मैं ये जानना चाहता हूं कि क्या मैं फ्रीलांसिंग इनकम में से बिजली, इंटरनेट का खर्चा घटा कर इसे इनकम टैक्स में दिखा सकता हूं, इसके लिए मुझे कौन सा फॉर्म फाइल करना होगा?


जवाब: अगर पत्नी प्रोफेशनली योग्य है तभी आप इनकम में उसकी सैलरी घटा पाएंगे। आप पत्नी को 26 हजार रुपये कैश में पेमेंट न करें। बिजनेस इनकम में से सिर्फ 20 हजार रुपये तक कैश पेमेंट किया जा सकता है। आप पत्नी को चेक पेमेंट करें। फ्रीलांस इनकम के लिए होने वाले अन्य खर्चों को इनकम से घटा सकते हैं। आपको रिटर्न भरने के लिए आईटीआर 4 का इस्तेमाल करना होगा।


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