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टैक्स गुरु: पाएं टैक्स से जुड़ी हर उलझनों पर हल

प्रकाशित Sat, 06, 2015 पर 17:01  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा टॉपिक है जिसका नाम आते ही टेंशन हो जाती है, आपकी इसी टेंशन को दूर कर टैक्स को आसान बनाते हैं टैक्स गुरु। तो आइए टैक्स से जुड़ी हर बारिकियों पर लेते हैं टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया की सलाह।


सवाल : 31 मार्च 2015 को खत्म हुए साल के लिए वेल्थ टैक्स रिटर्न भरना है या नहीं


सुभाष लखोटिया : फाइनेंस एक्ट 2015 में वेल्थ टैक्स कानून खत्म हुआ है और अब वेल्थ टैक्स रिटर्न नहीं भरना है। 31 मार्च 2015 को खत्म हुए वित्त वर्ष के लिए वेल्थ टैक्स रिटर्न भरना है। अगर कुल संपत्ति 30 लाख रुपये से ज्यादा है तो वेल्थ टैक्स रिटर्न भरना जरूरी है। अपनी संपत्ती खासकर प्रॉपर्टी, सोना, डायमंड, चांदी के सामान और विदेशी संपत्ति को रिटर्न में दिखाना चाहिए।       


सवाल : एचयूएफ की इनकम छूट की सीमा से ज्यादा है, ऐसे में टैक्स कैसे बचा सकते हैं? 


सुभाष लखोटिया : टैक्स बचाने के लिए सेक्शन 80सी का फायदा ले सकते हैं। सेक्शन 80सी के तहत 1.50 लाख रुपये तक की छूट का फायदा मिल सकता है। ध्यान रखें कि एचयूएफ कभी एनपीएस में निवेश नहीं करें। एचयूएफ लोन लेकर प्रॉपर्टी भी खरीद सकते हैं। होम लोन पर 2 लाख रुपये की सालाना छूट भी पा सकते हैं। एचयूएफ को मेडिक्लेम इंश्योरेंस का भी फायदा मिल सकता है।


सवाल : 1.25 करोड़ रुपये हैं। निवेश करना चाहते हैं ताकि हर महीने 1 लाख रुपये मिलें। कहां निवेश करें?


सुभाष लखोटिया : 15 लाख रुपये सीनियर सिटीजन सेंविंग्स स्कीम में लगाएं। इससे टैक्स और निवेश की जरूरत पूरी होगी। टैक्स फ्री बॉन्ड में भी कुछ पैसे डालें। कुछ निवेश इक्विटी म्युच्युअल फंड में भी करें ताकि अच्छा रिटर्न मिल सकें। बैंक एफडी से रेगुलर इनकम मिलेगी। जोखिम वाले निवेश के विकल्पों से दूर रहें। 


सवाल : असेसिंग अधिकारी अगर रिटर्न में कुछ रकम जोड़े दें और जब वो सीआईटी अपील के पास अपील करते है तो छूट मिल जाती है। लेकिन इसके बाद इनकम टैक्स विभाग इस फैसले के खिलाफ एपलेट ट्रिब्यूनल में अपील करता है और अगर इस तरह की समस्या खड़ी हो जाएं तो क्या करें?    


सुभाष लखोटिया : असेसिंग अधिकारी अगर रकम जोड़ता है तो करदाता अपील कर सकते हैं। करदाता सीआईटी(अपील) के पास अपील कर सकते हैं। सीआईटी(अपील) करदाता को छूट दे सकता है। लेकिन आईटी विभाग इस फैसले के लिखाफ अपील कर सकता है। आईटी एपलेट ट्रिब्यूनल में अपील की जाती है। अब सीआईटी(अपील) के फैसले के खिलाफ अपील नहीं कर सकते हैं। अगर 4 लाख रुपये की सीमा तक का केस हो तो अपील नहीं होगी। सीबीडीटी ने इस मामले में सर्कुलर जारी किया है। लेकिन अगर रकम 10 लाख रुपये तक है तो आईटी एपलेट ट्रिब्यूनल का फैसला मान्य होगा। सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए भी रकम की सीमा तय की गई है। 25 लाख रुपये तक की रकम पर हाई कोर्ट का फैसला मान्य होगा।


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