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टैक्स गुरु: सुलझाएं टैक्स से जुड़ी आपकी उलझन

प्रकाशित Sat, 13, 2015 पर 17:42  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा टॉपिक है जिसका नाम आते ही टेंशन हो जाती है, आपकी इसी टेंशन को दूर कर टैक्स को आसान बनाते हैं टैक्स गुरु। तो आइए टैक्स से जुड़ी हर बारिकियों पर लेते हैं टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया की सलाह।


सवाल: लखोटिया जी दो शब्द हैं डिपोजिशन और समन। इनके बीच में क्या अंतर हैं, समझाइए?


जवाब: सेक्शन 131 में आईटी अधिकारी को समन जारी करने का अधिकारहोता है। जिसके तहत किसी व्यक्ति को जानकारी के लिए बुलाया जा सकता है। समन आने पर उपस्थित न होने पर 10000 रुपये तक की पेनाल्टी लग सकती है। समन जारी होने पर करदाता को खुद जाना होता है। करदाता की तरफ से उसका सीए या वकील भी आईटी ऑफिस जा सकता है। समन बैंक के कर्मचारी को भी जारी किया जा सकता है। जिससे किसी खास खाते के बारे में जानकारी मांगी जा सकती है।


डिपोजीशन का मतलब आईटी अधिकारी के सवाल-जवाब से होता है। जिसमें आपका बयान दर्ज किया जाता है। अगर आप किसी कारणवश समन की तिथि को आयकर अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने में सक्षम नहीं हैं तो इसकी लिखित सूचना आयकर अधिकारी को देकर दूसरी तिथि ले लें।


सवाल: बेटी के लिए निवेश करना है, कहां पैसे निवेश करें?


जवाब: अगर आपकी बेटी की उम्र 10 साल से कम है तो आपके लिए सुकन्या समृद्धि स्कीम सबसे बेहतर निवेश विकल्प है। इसके तहत 1000 रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक का सालाना निवेश किया जा सकता है। अगर आपकी बेटी 10 साल से ज्यादा उम्र की है तो किसान विकास पत्र में निवेश करें। आप बेटी के नाम पीपीएफ खाता भी खोल सकते हैं। आप जीरो कूपन बंड में भी निवेश कर सकते हैं।


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