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नया आईटीआर फॉर्म कितना हुआ आसान!

प्रकाशित Sat, 27, 2015 पर 15:42  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

निवेश के लिए सबसे पहला कदम है अपने लक्ष्य तय करना। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर सही लक्ष्य नहीं तो फिर निवेश का कोई मकसद नहीं। पहले लक्ष्य बनाएं और फिर पैसे लगाएं। आमतौर पर लोग, लक्ष्य तो तय कर लेते हैं लेकिन वो पर्याप्त नहीं होते क्योंकि हम सभी महंगाई को भूल जाते हैं। महंगाई को ध्यान में रखकर तय किया गया लक्ष्य ही सही रिटर्न देगा। ऐसे में सही लक्ष्य तय करें ताकि आपको मिले निवेश का पूरा फायदा।


आज हम सबसे पहले बात करेंगे नये इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म की सरकार ने नए इनकम टैक्स रिटर्न के नए फॉर्म जारी कर दिए हैं। नए फॉर्म्स के मुताबिक अब लोगों को इनकम टैक्स रिटर्न भरते वक्त विदेश यात्रा का ब्यौरा देने की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ पासपोर्ट नंबर देना ही काफी होगा। हालांकि पिछले वित्त वर्ष में ऑपरेशनल सभी सेविंग्स/करेंट बैंक एकाउंट की जानकारी फॉर्म में देनी होगी। इस बार टैक्स डिपार्टमेंट ने फॉर्म में आधार नंबर भी भरने का कॉलम बनाया है। इनकम टैक्सपेयर्स 31 अगस्त तक रिटर्न फाइल कर सकते हैं। नए फॉर्म्स में किस तरह के बदलाव किए गए हैं, और रिटर्न फाइल करते वक्त लोगों को क्या ध्यान रखने की जरूरत है, इस बारे में बात करने के लिए हमारे साथ जुड़ रहे हैं हमारे टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया।


टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया ने बताया कि फॉर्म आईटीआर-1 (सहज) इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स के लिए है। इसमें वे लोग शामिल होते हैं जिनकी इनकम सैलरी, एक हाउस प्रॉपर्टी या अन्य स्रोत से हो। फॉर्म आईटीआर-2 इंडिविजुअल और एचयूएफ के लिए है। इसमें इनकम बिजनेस/प्रोफेशन से नहीं होना चाहिए। फॉर्म आईटीआर-2 ए इंडिविजुअल और एचयूएफ के लिए है। इसमें इनकम बिजनेस/प्रोफेशन से नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा कैपिटल गेंस इनकम और विदेश में जायदाद भी नहीम होनी चाहिए। फॉर्म आईटीआर-4 एस (सुगम) इंडिविजुअल और एचयूएफ के लिए है। ये उनके लिए है जिनकी बिजनेस इनकम हो, या सैलरी/पेंशन से इनकम हो, या एक हाउस प्रॉपर्टी से इनकम हो, या अन्य स्रोत से इनकम हो।


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