योर मनीः क्रेडिट कार्ड को कैसे बनाएं सुरक्षित -
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योर मनीः क्रेडिट कार्ड को कैसे बनाएं सुरक्षित

प्रकाशित Fri, 10, 2015 पर 12:46  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आज के समय में क्रेडिट कार्ड जरूरत बन चुकी है। लेकिन मुंबई पुलिस की हाल की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2014 के मुकाबले 2015 के शुरू के 5 महीनों में क्रेडिट और डेबिट कार्ड से जुड़े फ्रॉड 2.5 गुना बढ़े हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इस तरह के फ्रॉड में करोड़ों रुपए की हेराफेरी होती है। पुलिस का कहना है कि आज के समय में कार्ड फ्रॉड सबसे बड़ा साइबर क्राइम बन चुका है। ऐसे में आप कैसे सतर्क रहें, कार्ड से ट्रांजैक्शन के दौरान क्या सावधानियां बरतें, क्या हैं इससे निपटने के तरीके, कानून इसमें क्या मदद करेगा, इन सारी बातों पर चर्चा करेंगे। हर्षरूंगटा डॉटकॉम के हर्ष रूंगटा आपको बताएंगे कि क्या सावधानियां रखकर आप क्रेडिट कार्ड फ्रॉड से बच सकते हैं।


क्रेडिट कार्ड फ्रॉड के पीछे की वजह है कि लोगों को पूरी जानकारी का अभाव है। अपने क्रेडिट, डेबिट पासवर्ड आदि को लेकर लोग लापरवाह रहते हैं और कार्ड से जुड़ी जानकारी किसी से शेयर करना गलत है ये जानते हुए भी जानकारी बता देते हैं। क्रेडिट कार्ड के फ्रॉड के मामले आजकल बढ़ रहे हैं क्योंकि केस का प्रचार नहीं होने से लोग शिकार बन रहे हैं। बैंक फ्रॉड के खिलाफ केस नहीं करते हैं और सिर्फ 10-12 फीसदी मामलों में ही एफआईआर दर्ज कराई जाती है। ज्यादातर मामलों में कार्रवाई नहीं होती है। सिर्फ मुंबई में हर दिन 2-3 साइबर क्राइम केस फाइल होते हैं।


क्रेडिट कार्ड फ्रॉड के 5 तरीके हैं


1. नेट बैंकिंग
2. ईमेल हैकिंग
3. नकली ईमेल
4. क्रेडिट कार्ड
5. डेबिट कार्ड


क्रेडिट कार्ड फ्रॉड से बचने के लिए ओटीपी का इस्तेमाल करें। अलग अलग बैंक खातों के लिए अलग पासवर्ड रखें। हमेशा में से पैसे निकालते समय सतर्क रहें। एटीएम पिन डालते समय कीपैड को कवर रखें। पिन कहीं लिखें नहीं और शेयर नहीं करें। ऑनलाइन, ऑफलाइन ट्रांजैक्शन के लिए अलग कार्ड रखें तो बेहतर रहता है। अगर आपको कोई वेबसाइट संदिग्ध लगती है तो ट्रांजैक्शन नहीं करें। https से शुरू होने वाली वेबसाइट सुरक्षित होती हैं। ध्यान रखें कि जिस वेबसाइट पर लॉक बना हो उसी पर ट्रांजैक्शन करें।


जब क्रेडिट कार्ड फ्रॉड हो जाए तो तुरंत कार्ड ब्लॉक करवाएं। इसके बाद बैंक को तुरंत सूचित करें। बैंक के कंज्यूमर ग्रीवांस सेल में जाएं और अगर कार्रवाई नहीं होती है तो आरबीआई बैंक कंज्यूमर ओम्बुड्समैन के पास जाएं।


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