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सुलझाएं आईटीआर फॉर्म से जुड़ी गुत्थी

प्रकाशित Fri, 10, 2015 पर 14:45  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

निवेश कहां करना है, कैसे करना है, ये तो आपको कोई भी बता सकता है। लेकिन निवेश का मकसद और उसे हासिल करने का सही तरीका, साथ ही आपके तमाम ख्वाबों के साथ आपके बैंक बैलेंस का तालमेल ठिक से बैठ सके, इसके लिए काम आता है योर मनी।


योर मनी में आज हम सबसे पहले कोशिश कर रहे हैं नए आईटीआर फॉर्म से जुड़ी गुत्थियों को सुलझानें की जिसके लिए हमारे साथ हैं आर एस एम अस्तुते कंसल्टिंग ग्रुप के सुरेश सुराना।


आप सभी को अब तक फॉर्म 16 मिल चुके होंगे और अब रिटर्न भरने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। हममें से ज्यादातर लोग सीए या टीआरपी आदि से रिटर्न भरवाते हैं। लेकिन ये इतना मुश्किल भी नहीं है। थोड़ी सी कोशिश और थोड़ी से समझ से हम अपना रिटर्न खुद भी भर सकते हैं।


सुरेश सुराना ने बताया कि आईटीआर 1 (सहज)  ऐसे इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स के लिए हैं जिनको सैलरी और पेंशन से, एक हाउस प्रॉपर्टी से, अन्य स्त्रोत से, छूट वाली गैर खेती से इनकम होती है। जिनको विदेशी संपत्ति/इनकम हो उनको ये फार्म नहीं भरना है।


आईटीआर 2 इंडिविजुअल एचयूएफ के लिए है। ये फार्म उनको लिए है जिनको सैलरी/पेंशन, हाउस प्रॉपर्टी, कैपिटल गेन, अन्य स्त्रोत से इनकम होती है। ऐसे लोग आईटीआर2 फार्म नहीं भरें जिनको किसी बिजनेस या प्रोफेशन से इनकम होती हो। वहीं आईटीआर 2 ए ऐसे इंडिविजुअल एचयूएफ के लिए है जिनकी आय सैलरी/पेंशन, प्रॉपर्टी, लॉटरी, रेस, अन्य स्त्रोत से जुड़ी हो। इसमें बिजनेस/प्रोफेशन से इनकम, कैपिटल गेन इनकम, विदेश में संपत्ति/इनकम शामिल नहीं है।


आईटीआर-4एस (सुगम) इंडिविजुअल/एचयूएफ के लिए है। ये फार्म उन लोगों के लिए है जिनकी प्रिजम्पटिव इनकम हो, सैलरी/पेंशन से इनकम हो, एक हाउस प्रॉपर्टी से इनकम हो, अन्य स्रोत से इनकम हो। वेतनभोगियों के फार्म का चुनाव अन्य स्त्रोत से होने वाली आय पर निर्भर है। आईटीआर 3, आईटीआर फार्म 4 अभी नोटिफाई नहीं हुए।


सुरेश सुराना ने बताया कि रिटर्न की आखिरी तारीख बढ़कर 31 अगस्त 2015 कर दी गई है। ये ध्यान रखें कि आपको वित्त वर्ष 2014-15 के लिए वेल्थ टैक्स रिटर्न भरना है। क्योंकि वेल्थ टैक्स वित्त वर्ष 2015-16 से खत्म किया गया है। 5 लाख से ज्यादा इनकम हो तो ई-रिटर्न अनिवार्य है। इसके अलावा रिफंड के मामलों में भी ई-रिटर्न अनिवार्य है। सुपर सीनियर सिटीजन को ई-रिटर्न से छूट है। विदेश में संपत्ति/इनकम होने पर ई-रिटर्न अनिवार्य है। आईटीआर भरते वक्त विदेश यात्रा का ब्यौरा नहीं देना होगा, लेकिन सभी ऑपरेशनल सेविंग्स/करेंट बैंक एकाउंट की जानकारी देना जरूरी है।


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