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टैक्स रिटर्न भरते वक्त बचें किन गलतियों से

प्रकाशित Sat, 11, 2015 पर 16:34  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

निवेश कहां करना है, कैसे करना है, ये तो आपको कोई भी बता सकता है। लेकिन निवेश का मकसद और उसे हासिल करने का सही तरीका, साथ ही आपके तमाम ख्वाबों के साथ आपके बैंक बैलेंस का तालमेल ठिक से बैठ सके, इसके लिए काम आता है योर मनी।


योर मनी में आज हम सबसे पहले कोशिश कर रहे हैं नए आईटीआर फॉर्म से जुड़ी गुत्थियों को सुलझानें की जिसके लिए हमारे साथ हैं आरएसएम अस्तुते कंसल्टिंग ग्रुप के सुरेश सुराना।


आप सभी को अब तक फॉर्म 16 मिल चुके होंगे और अब रिटर्न भरने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। हममें से ज्यादातर लोग सीए या टीआरपी आदि से रिटर्न भरवाते हैं। लेकिन ये इतना मुश्किल भी नहीं है। थोड़ी सी कोशिश और थोड़ी से समझ से हम अपना रिटर्न खुद भी भर सकते हैं।


सुरेश सुराना ने बताया कि अगर छूट के बिना कर योग्य आय, छूट की सीमा से ऊपर है तो रिटर्न फाइल करना जरूरी होता है। एक से ज्यादा नौकरी हो तो नई कंपनी में पुरानी कंपनी के टीडीएस की जानकारी जरूर दें। पिछली कंपनी के सैलरी की जानकारी नहीं देने से कम टैक्स कटेगा। ऐसा होने पर करदाता को खुद कुल इनकम जोड़कर टैक्स देना चाहिए।


सुरेश सुराना ने बताया कि होम लोन ईएमआई में ब्याज और प्रिंसिपल दो हिस्से होते हैं। प्रिंसिपल रीपेमेंट पर सेक्शन 80सी के तहत छूट मिलती है। वहीं लोन के ब्याज पर सेक्शन 24 के तहत 2 लाख रुपये की छूट मिलती है। अगर घर किराए पर दिया है तो पूरे लोन के ब्याज पर छूट मिलती है। कंस्ट्रक्शन के दौरान चुकाए ब्याज पर पजेशन के बाद 5 किस्तों में छूट मिलती है। प्रॉपर्टी के सभी मालिकों का पैन और प्रॉपर्टी में हिस्सा बताना जरूरी है। सभी मालिकों को अपने हिस्से के ब्याज और प्रिंसिपल पर अलग छूट मिलती है।


आईटी रिटर्न भरते समय एनआरआई अपना सही स्टेटस एनआरआई/आरएनओआर बताएं। इनको विदेशी इनकम/संपत्ति की जानकारी देने की जरूरत नहीं होती। हां निवासियों को विदेशी संपत्ति/इनकम की जानकारी देना जरूरी है।


सुरेश सुराना ने बताया कि 1 साल से ज्यादा इक्विटी एमएफ रखने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन मिलता है। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स नहीं लगता है। डेट एमएफ 3 साल से ज्यादा रखने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन मिलता है। डेट फंड के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 20 फीसदी टैक्स लगता है।


आईटी रिटर्न भरते समय इनकम टैक्स की वेबसाइट से फॉर्म 26 एएस निकालें। डिविडेंड जैसी छूट वाली इनकम रिटर्न में दिखाएं। फॉर्म 26एएस से काटे गए टैक्स को मिलाकर चेक करें। ऑनलाइन रिटर्न भरें तो डिजिटल साइन/आधार नंबर जरूर दें। अगर डिजिटल सिग्नेचर या आधार नंबर नहीं तो आईटीआर-5 बंगलुरु भेजें। आईटीआर-5 को साधारण डाक से ही 120 दिन के अंदर बंगलुरु भेजना चाहिए। रिफंड किस खाते में आए अब इसका चुनाव करने की भी सुविधा है।


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