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इंश्योरेंस की जरूरत क्यों, कैसे चुनें सही इंश्योरेंस

प्रकाशित Mon, 13, 2015 पर 16:31  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

लाइफ इंश्योरेंस सभी के लिए जरूरी है। शायद इसीलिए केंद्र सरकार का भी सबके बीमा पर जोर है। ये न सिर्फ  फाइनेंशियल प्लानिंग का जरूरी पार्ट है बल्कि आपको सुरक्षा भी देता है। लेकिन लाइफ इंश्योरेंस को लेकर लोगों के जेहन में कई सवाल उठते हैं जैसे, इंश्योरेंस क्यों जरूरी है, क्यों लेना चाहिए इंश्योरेंस, किस तरह का प्लान चुनें? आज आपके इन्हीं सब सवालों जवाब देने के लिए हमारे साथ हैं पॉलिसी बाजार के को- फाउंडर और सीईओ यशीश दहिया।


आइये सबसे पहले हम ये जानने की कोशिश करते हैं कि कब पॉलिसी सरेंडर की जाती है। लोग अक्सर गलत पॉलिसी लेने पर सरेंडर करते हैं। पहले 5 साल में 60 फीसदी पॉलिसी सरेंडर हो जाती है। और हर साल 1 करोड़ से ज्यादा पॉलिसी सरेंडर होती है। लोग पैसे की तंगी की वजह से पॉलिसी सरेंडर करते हैं।


पॉलिसी ब्रान्च में जाकर सरेंडर की जा सकती है। एप्लीकेशन देकर भी  पॉलिसी सरेंडर हो सकती है। आपको बता दें कि पहले 3 साल में पॉलिसी सरेंडर करने पर काफी नुकसान होता है। इस स्थिति पहले साल में चुकाया पैसा नहीं मिलता और दूसरे और तीसरे साल का महज 30 फीसदी पैसा वापस होता है। वहीं 3 साल के बाद पॉलिसी सरेंडर करने पर 30-50 फीसदी पैसे की वापसी हो जाती है। यूलिप सरेंडर करने पर निवेश के सिर्फ 6 फीसदी कटते हैं। टर्म-प्लान सरेंडर करने पर कोई पैसा वापस नहीं मिलता। निवेशकों को सलाह है कि वे सोच-समझकर पॉलिसी खरीदें और जहां तक हो सके पॉलिसी सरेंडर करने से बचें।


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