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योर मनी: सुलझाएंगे रिटर्न फॉर्म से जुड़ी उलझनें

प्रकाशित Thu, 16, 2015 पर 13:28  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आज के समय में नौकरी करना और घर चलाना काफी नहीं है। अगर आप बिजनेस करते हैं या करने की सोचते हैं तो और भी ज्यादा जरूरी है कि निवेश की सही प्लानिंग करें। सिर्फ निवेश की प्लानिंग ही नहीं बल्कि इस पर अमल करना भी उतना ही जरूरी है। सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए नियमित निवेश बहुत जरूरी है। कहां करें निवेश, क्या है आपके लिए निवेश की सही स्ट्रेटजी, कैसे आपका 1 रुपया, बढ़कर 10 रुपया बनेगा। आपको निवेश से जुड़ी इन सभी बारीकियों अपनी राय देने के लिए आज हमारे साथ हैं आनंद राठी फाइनेंशियल सर्विसेज के फिरोज अजीज।


सवाल: मां और भाई को पेंशन प्लान से मिले डिविडेंड और एलपीजी सब्सिडी को आईटीआर 2 में कहां दिखाएं? क्या आधार नंबर देने पर आईटीआर-5 बंगलुरु नहीं भेजना होगा?


जवाब: डिविडेंड इनकम पर टैक्स नहीं लागू होता, इसको कुल इनकम में नहीं जोड़ें। और छूट वाली को शेड्यूल ईआई में दिखाएं। आपकी गैस सब्सिडी इनकम नहीं मानी जाएगी और गैस सब्सिडी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। आपको बता दें कि सीबीडीटी ने इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड(ईवीसी) लागू किया है। ये सुविधा ऑनलाइन रिटर्न भरने वालों  की सुविधा के लिए शुरू की गई है। इस पर आपको आधार वन टाइम पासवर्ड जेनरेट करने की सुविधा मिलेगी। पैन और आधार नंबर रिटर्न से जुड़ा होना जरूरी है। इस प्रक्रिया से रिटर्न वेरिफाई करने पर आईटीआर-5 बंगलुरु नहीं भेजना होगा।


सवाल: मैं ईएमआई के साथ ही होम लोन का प्रिंसिपल 1.80 लाख रुपये चुका चुका हूं। क्या मुझे 80सी के तहत छूट ले सकते हैं? क्या रिटर्न रिवाइज कर टैक्स छूट का फायदा ले सकते हैं?


जवाब: ब्याज और प्रिंसिपल होम लोन ईएमआई के दो हिस्से होते हैं। प्रिंसिपल पेमेंट पर सेक्शन 80सी के तहत छूट मिलती है। जबकि ब्याज पर छूट इनकम फ्रॉम हाउस प्रॉपर्टी के तहत मिलती है। सेक्शन 80सी के तहत अधिकतम 1.50 लाख रुपये की छूट मिलती है। इसके लिए ऑनलाइन रिवाइज रिटर्न फाइल कर सकते हैं। एसेसमेंट इअर खत्म होने के 1 साल के अंदर रिवाइज रिटर्न फाइल किया जा सकता है।


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