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योर मनी: कैसे मिले पैसे की चिंता से आजादी

प्रकाशित Fri, 14, 2015 पर 20:33  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

योर मनी में हम आज बात कर रहे हैं वित्तीय आजादी की। वित्तीय आजादी  पैसे जमा करने और उसका निवेश करने से कहीं आगे है। वित्तीय आजादी आपको देती है खुल कर जीने की और वो सबकुछ करने की आजादी जो आप करना चाहते हैं। अगर ये कहा जाए कि आप वित्तीय रूप से आजाद हैं तो आप कामयाब हैं तो ये गलत नहीं होगा। लेकिन ये वित्तीय आजादी या पैसे की चिंता से मुक्ति मिलेगी कैसे? आज आपको यही गुरुमंत्र देने के लिए हमारे साथ हैं जाने माने फाइनेंशियल प्लानर गौरव मशरूवाला


गौरव मशरूवाला के मुताबिक हमारी वित्तीय आजादी तब खतरें में पड़ जाती है जब जरूरत पूरी करने के लिए पैसे ना हों, मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों पर खर्च के लिए पैसे ना हों। हमें अपनी वित्तीय आजादी बनाए रखने के लिए इंश्योरेंस और इन्वेस्टमेंट को मिलाना नहीं चाहिए। एंप्लॉयर के मेडिकल इंश्योरेंस के अलावा खुद की पॉलिसी भी लेना चाहिए।


जब हम महंगाई दर का ध्यान ना रख कर योजनाएं बनाते हैं तबभी हमारी वित्तीय आजादी खतरे में पड़ जाती है। इसलिए अपने लक्ष्य बनाते वक्त महंगाई को ध्यान में रखें और महंगाई दर को ध्यान में रखकर एसेट क्लास में निवेश करें।


रिटायरमेंट के बाद पैसे की कमी होने पर भी हमारी वित्तीय आजादी खत्म हो जाती है। इसलिए रिटायरमेंट को भी दूसरे लक्ष्यों की तरह ही प्राथमिकता दें।


रिटायरमेंट के लक्ष्य के लिए ज्यादा से ज्यादा निवेश की कोशिश करें और मेडिकल इमरजेंसी फंड बनाएं। इसके अलावा वित्तीय आजादी के लिए निवेश से जुड़े मिथ से मुक्ति भी जरूरी है। गोल्ड में निवेश से दूर रहें। अगर पहले से गोल्ड में निवेश है तो इसे घटाने की कोशिश करें। ज्वेलरी इस्तेमाल के लिए खरीदें, निवेश के लिए नहीं। प्रॉपर्टी में निवेश से बड़ी रकम फंस जाती है। ध्यान रखें कि प्रॉपर्टी में निवेश लिक्विड नहीं होता। इसलिए अचानक पैसे की जरूरत पड़ जाने पर आपको मुश्किल हो सकती है।


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