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टैक्स गुरूः जानें कैसे बचा सकते हैं ट्रस्ट से टैक्स

प्रकाशित Tue, 18, 2015 पर 12:08  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स गुरू आपका अपना टैक्स शो है जहां हम देते हैं आपको टैक्स को आसान बनाने के टिप्स और करते हैं आपकी टैक्स से जुड़ी हर मुश्किल दूर। हम बताते हैं आपको निवेश से जुड़ी छोटी-बड़ी बातें ताकि आप बिना किसी टैक्स प्लानर या सीए की मदद के कर सकें अपने टैक्स की प्लानिंग और बचाएं ज्यादा से ज्यादा टैक्स। टैक्स के हर पहलू को हमें समझाते हैं हमारे टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया।


ट्रस्ट टैक्स बचाने के लिए एक अच्छा तरीका है। सुभाष लखोटिया बताएंगे कि टैक्स प्लानिंग के लिए लिहाज से ट्रस्ट क्यों अच्छा विकल्प हैं और ट्रस्ट के महत्व क्या हैं। टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया के मुताबिक टैक्स बचाने के लिए ट्रस्ट अच्छा विकल्प होता है। ये बच्चों के भविष्य और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होते हैं और इनका उत्तराधिकार की योजना बनाने में भी फायदा मिलता है। ट्रस्ट बनाने के लिए सबसे पहले ट्रस्ट के लक्ष्य तय करें और ट्रस्ट डीड बनाएं। इसके बाद इसे नोटरी या सब-रजिस्ट्रार के यहां रजिस्ट्री करवाना चाहिए। इसमें ट्रस्टीज का नाम, रजिस्टर्ड ऑफिस, ट्रस्ट के उद्देश्य जैसी सारी जानकारी देनी चाहिए।


ट्रस्ट के प्रकार
टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया के मुताबिक तीन तरह के ट्रस्ट होते हैं।


1. निजी या फैमिली ट्रस्ट


2. धार्मिक ट्रस्ट


3. चैरिटेबल ट्रस्ट


निजी ट्रस्ट और धार्मिक ट्रस्ट के बारे में जानकारी लेते हैं। क्या इस तरह के ट्रस्ट शुरू करने के लिए सरकार से मंजूरी लेनी पड़ती है।


निजी ट्रस्ट
निजी ट्रस्ट शुरू करने के लिए सरकारी मंजूरी की जरूरत नहीं चाहिए होती है। परिवार के सदस्यों के फायदे के लिए और उनकी जरूरत के हिसाब से बनाते हैं। बच्चों के लिए 100 फीसदी स्पेसिफिक बेनिफिशियरी ट्रस्ट बना सकते हैं।


डिस्क्रिशनरी ट्रस्ट
डिस्क्रिशनरी ट्रस्ट परिवार के सदस्यों के फायदे के लिए बनाए जाते हैं। इसमें रकम बांटने का फैसला ट्रस्ट्रियों के पास होता है। अपनी इनकम पर 30 फीसदी टैक्स देना होता है। वसीयत के जरिए डिस्क्रिशनरी ट्रस्ट बना सकते हैं। इस तरह के ट्रस्ट व्यक्ति की मृत्यु के बाद प्रभावी होते हैं। इन डिस्क्रिशनरी ट्रस्ट पर स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। एक वसीयत से सिर्फ एक डिस्क्रिशनरी ट्रस्ट बना सकते हैं।


धार्मिक ट्रस्ट
निजी धार्मिक ट्रस्ट देवता की पूजा के लिए बनाए जाते हैं। आयकर कानून में निजी धार्मिक ट्रस्ट मान्य हैं लेकिन धार्मिक ट्रस्ट पर स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। 


टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया से जानते हैं कि चैरिटेबल ट्रस्ट क्या हैं और इस तरह के ट्रस्ट के लिए क्या औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं? साथ ही इन ट्रस्ट्स की जरूरत क्या है?


चैरिटेबल ट्रस्ट
चैरिटेबल ट्रस्ट चैरिटी/दान से जुड़ी गतिविधियों को लागू करने लिए बनाए जाते हैं। ट्रस्ट बनाने के लिए टैक्स अधिकारी से औपचारिक मंजूरी या नाम की जरूरत नहीं होती है। ट्रस्ट बनने के बाद सेक्शन 12ए के तहत रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी होता है और इसके बाद सेक्शन 80जी छूट सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करना होगा। 80जी प्रमाणपत्र लेना बेहद जरूरी होता है और इससे ट्रस्ट को दान करनेवालों को टैक्स छूट का फायदा मिलेगा।


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