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टैक्स गुरु: सुलझाएं आईटीआर से जुड़ी उलझन

प्रकाशित Sat, 22, 2015 पर 16:46  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा टॉपिक है जिसका नाम आते ही टेंशन हो जाती है, आपकी इसी टेंशन को दूर कर टैक्स को आसान बनाते हैं टैक्स गुरु। तो आइए टैक्स से जुड़ी हर बारिकियों पर लेते हैं टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया की सलाह।


सवाल: लखोटिया जी सबसे पहले तो हमें ये बता दीजिए की कौन-कौन से आईटीआर फार्म हैं और कौन से फार्म किसे भरने हैं?


जवाब: इस बार कुल 9 तरह के फार्म हैं। इनमें से आईटीआर-1 (सहज) इंडिविजुअल्स के लिए है। ये उनके लिए है जिनकी सैलरी इनकम हो, एक प्रॉपर्टी इनकम हो, अन्य स्रोत से आय हो।


आईटीआर-2 इंडिविजुअल्स और एचयूएफ के लिए है। ये उनके लिए है जिनकी सैलरी इनकम हो, एक प्रॉपर्टी से इनकम हो, कैपिटल गेन से इनकम हो, अन्य स्रोत से आय हो।


आईटीआर-2 ए इंडिविजुअल्स और एचयूएफ के लिए है। ये उनके लिए है जिनकी सैलरी इनकम हो, एक से ज्यादा प्रॉपर्टी से इनकम हो, लाटरी इनकम सहित अन्य स्रोत से आय हो।


आईटीआर-3 इंडिविजुअल्स और एचयूएफ के लिए है। ये उनके लिए है जिनकी पार्टनरशिप फर्म से प्राफिट इनकम हो।


आईटीआर-4 एस (सुगम) इंडिविजुअल्स और एचयूएफ के लिए है। ये उनके लिए है जिनकी बिजनेस इनकम (प्रिजंपटिव सिस्टम से निकाली हुई) हो।


आईटीआर-4 इंडिविजुअल्स और एचयूएफ के लिए है। ये उनके लिए है जिनकी बिजनेस/प्रोफेशन से आय हो।


आईटीआर-5 पार्टनरशिप फर्म, एओपी, एलएलपी के लिए है।


आईटीआर-6 कंपनियों के लिए है।


आईटीआर-7 चैरिटी ट्रस्ट, राजनैकित पार्टियों और शैक्षिक संस्थाओं के लिए है।


सुभाष लखोटिया के मुताबिक आईटीआर फार्म भरते समय सबसे पहले तो ये निश्चित करलें की आपको कौन सा फार्म भरना है।


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