योर मनी: खुशहाल जिंदगी की राह यौगिक वेल्थ -
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योर मनी: खुशहाल जिंदगी की राह यौगिक वेल्थ

प्रकाशित Sat, 05, 2015 पर 19:12  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

हम हमेशा पैसा कमाने और बचाने की बात बात करते हैं लेकिन हमारी जिंदगी में धन सपंत्ति की असली अहमियत भूल जाते हैं। दरअसल पैसा जिंदगी को खुशहाल बनाने का एक जरिया भर है, लेकिन पैसा कमाते, बचाते वक्त डर, लालच, अहंकार, असुरक्षा और ऐसे कई सारी भावनाएं हम पर हावी हो जाती है कि जिस पैसे से हम चैन पाना चाहते हैं वो हमे बैचेन कर देता है और जिंदगी में इसके मूल मकसद को खत्म कर देता है। आज हम इसी विषय पर बात करेंगे कि कैसे खून पसीने से कमाया गया पैसा हमारे चेहरे की चमक बने, माथे की शिकन नहीं। योर मनी में आज हमारे साथ चर्चा के लिए जुड़ रहे हैं दो दिग्गज फाइनेंशियल प्लानर गौरव मशरूवाला और अर्णव पंडया।


इन जानकारों का कहना है कि सुखी रहने के लिए जिंदगी के सभी पहलुओं के बीच संतुलन जरूरी है। संतुलन ना होने से जिंदगी में दिक्कतें पैदा होती हैं। पैसे को लेकर डर, लालच, जलन जैसी कई भावनाएं मन में आती है। इन भावनाओं के कारण पैसा खुशी नहीं दे पाता है। हमारे ग्रंथों में लक्ष्मी की एक अवधारणा है। लक्ष्मी मन को बेचैन नहीं करती है। लक्ष्मी अच्छे तरीके से जुटाई गई संपत्ति होती है। यौगिक वेल्थ हमें बेचैन नहीं करती, सुख देती है।


पहले हम ये समझ लें कि योग क्या है। महर्षि पतंजलि के मुताबिक चित्त वृत्तियों का निरोध ही योग है। साधारण शब्दों में मन में पैदा होने वाली तमाम तरह की बेचैनियों और भावनाओं पर नियंत्रण पाना ही योग है। ऐसा होने पर ही हम अपने जीवन का आनंद उठा सकते हैं। पैसे को लेकर लोगों में कई तरह की भावनाएं देखी जाती हैं ये भावनाएं फैसलों पर असर डालती हैं।


डर की भावना असुरक्षा के कारण आती है। लोगों में खुद पर भरोसा नहीं होता है। लगातार दुविधा बने रहने से बेचैनी पैदा होती है। लालच की भावना के कारण लोग गलत राह पर चले जाते हैं। लालच के कारण काफी नुकसान भी होता है। इसलिए जिंदगी में संतुलन बहुत जरूरी है। अपनी जरूरत के हिसाब से खर्च करना चाहिए। दूसरों को देखकर खर्च नहीं करना चाहिए। दिखावे से दूर रहना चाहिए तभी हम अपनी जिंदगी आनंद से जी सकेंगे।


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