Moneycontrol » समाचार » निवेश

पहला कदम: अपने पैसों पर ब्याज कमाने के तरीके

प्रकाशित Sat, 19, 2015 पर 14:22  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

लोगों को फाइनेंशियल सेक्टर से जोड़ने की मुहिम के तहत सीएनबीसी-आवाज़ फाइनेंशियल लिटरेसी की पहल करने के लिए पहला कदम सीरीज लेकर आया है। हर हफ्ते इस पहल के जरिए फाइनेंशियल इन्क्लूजन की तरफ हम छोटे छोटे ही सही लेकिन कारगर कदम बढ़ा रहे हैं। आप www.pehlakadam.in पर भी लॉगऑन कर सकते हैं और पहला कदम के एपिसोड में दी गई सारी जानकारी वहां से ले सकते हैं।


जानें कि ब्याज क्या होता है?


अपने निवेश पर ब्याज कमाकर आप सही फाइनेंशियल प्लानिंग कर सकते हैं। 2 तरह के ब्याज होते हैं जैसे साधारण ब्याज यानि सिंपल ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज। ब्याज दरों के सबक से आप जानेंगे कि कैसे ब्याज पर ब्याज कमाया जा सकता है। कंपाउंड इंटरेस्ट कैलकुलेशन के जरिए आपको ज्यादा ब्याज कमाने का मौका मिलता है। इसके लिए निवेश में बने रहना जरूरी होता है। कंपाउंड इंटरेस्ट के फायदे होते हैं कि इसमें साल दर साल ब्याज बढ़ेगा और कम अवधि में ब्याज लेना फायदेमंद नहीं होता बल्कि तिमाही में ब्याज मिलेगा। ज्यादा कंपाउंडिंग का ज्यादा फायदा मिलेगा और साधारण बनाम चक्रवृद्धि ब्याज में चक्रवृद्धि ब्याज का फायदा ज्यादा होता है।


एफडी में निवेश पर ब्याज कैलकुलेशन


1.साधारण ब्याज यानी Simple Interest


2.चक्रवृद्धि ब्याज यानी Compound Interest


साधारण ब्याज यानी Simple Interest
साधारण ब्याज मूल रकम पर मिलने वाला ब्याज होता है और साधारण ब्याज का कैलकुलेशन बेहद आसान होता है। मसलन 10,000 पर 9 फीसदी साधारण ब्याज 900 रुपये सालाना होगा। इसमें ब्याज की रकम जरूरत के वक्त निकाल सकते हैं। साधारण ब्याज की निकासी हर महीने, 3 महीने में, 6 महीने में सालाना मुमकिन है। ब्याज दर से निवेश की पहचान की जा सकती है और लंबी अवधि के निवेश पर ज्यादा ब्याज मिलता है। 


साधारण ब्याज मूल रकम पर ही ब्याज का कैलकुलेशन करता है और ब्याज की रकम निवेश की अवधि पर निर्भर करती है। मूल रकम में से कुछ हिस्सा निकाला तो ब्याज कम मिलेगा। साधारण ब्याज की दर आम तौर पर सालाना होती है और इस ब्याज दर को तय करने में अवधि का ख्याल रखें।
 
चक्रवृद्धि ब्याज या Compound Interest
चक्रवृद्धि ब्याज लंबी अवधि के निवेशर मिलता है और ब्याज पर ब्याज को भी चक्रवृद्धि ब्याज कहते हैं। इसके तहत जमा पर मिले पिछले ब्याज पर भी ब्याज मिलता है और ये लंबी अवधि के निवेश में फायदेमंद रहता है। हालांकि इसमें फायदा तब ही होता है जब कैश की तत्काल जरूरत ना हो। चक्रवृद्धि ब्याज का कैलकुलेशन हर महीने , 3 महीने पर, 6 महीने पर और सालाना किया जाता है। चक्रवृद्धि ब्याज में कम अवधि पर कैलकुलेशन से सालाना अच्छे रिटर्न मिल सकते हैं। इसमें ज्यादा कंपाउंडिंग से ज्यादा रिटर्न मिल सकते हैं और कंपाउंडिंग से कम अवधि में बड़ा फायदा नहीं होता है। इसमें एक बार के निवेश से फायदा नहीं होता है और लगातार निवेश करने से ज्यादा फायदा मिल सकता है।


वीडियो देखें