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टैक्स गुरुः सुलझाएं टैक्स से जुड़ी आपकी उलझन

प्रकाशित Sat, 26, 2015 पर 15:11  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अगर टैक्स का मतलब आपके के लिए टेंशन है तो हम हाजिर है आपकी टैक्स से जुड़ी टेंशन दूर करने के लिए। टैक्स गुरु है आपका पर्सनल टैक्स गाइड जो करता है टैक्स से जुडी हर छोटी-बड़ी परेशानी को दूर, यहां आपको मिलता है टैक्स से जुड़े हर सवाल का जबाव जो देंगे आपके टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया।


सवालः प्रॉपर्टी बेचने के बाद लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के लिए किस तारीख से करें खरीद की गणना?


सुभाष लखोटियाः लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन का पता लगाने के लिए पर्चेस और सेल डीड देखनी चाहिए। प्रॉपर्टी खरीदने के बाद 36 महीने के बाद इसे बेचने पर हुआ फायदा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन कहलाएगा। अगर प्रॉपर्टी रजिस्टर्ड नहीं है तो लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन का फायदा लेने के लिए पॉवर ऑफ अटार्नी के तहत बेच सकते हैं।

3 साल बाद प्रॉपर्टी किसी दूसरे के नाम पर ट्रांसफर करने पर या पजेशन नहीं मिलने के बाद भी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के नियम लागू होंगे। पॉवर ऑफ अटार्नी या सेल ऑफ राइट इन एसेट के तहत बिक्री पर भी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के नियम लागू होंगे।    


सवालः पुश्तैनी कृषी भूमी को 2013 में गैर-कृषी भूमी घोषित कर दिया गया था, अब इस जमीन को बेचें तो क्या कैपिटल गेन टैक्स देना होगा, इसकी गणना कैसे होगी?


सुभाष लखोटियाः आपकी जमीन अब कृषी भूमी नहीं रही। जमीन बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स नियम लागू होगा। जमीन की कीमत साल 1981 के आधार पर आंकी जाएगी। आपको कॉस्ट इनफ्लेशन इंडेक्स का फायदा मिलेगा।


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