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आरबीआई ने घटाई दरें, एफडी पर क्या हो रणनीति

प्रकाशित Wed, 30, 2015 पर 11:45  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने बाजार को सरप्राइज कर दिया है। आरबीआई ने रेपो रेट में 0.5 फीसदी की कटौती कर दी है। 0.5 फीसदी की कटौती के बाद अब रेपो रेट 6.75 फीसदी हो गया है। साथ ही रिवर्स रेपो रेट भी 0.5 फीसदी घटकर 5.75 फीसदी हो गया है। आरबीआई दरों में 0.5 फीसदी कमी के बाद बैंक डिपॉजिट पर भी दरें घटाएंगे। एसबीआई ने फिक्स्ड डिपॉजिट पर दरों में 0.25 फीसदी की कमी भी कर दी है।


आरबीआई के डबल धमाके के बाद क्या ये बैंक डिपॉजिट करवाने का आखिरी मौका है? क्या आपको तुरंत एफडी रिन्यू करवाना चाहिए। इसी बात को समझाया फाइनेंशियल एक्सपर्ट अर्णव पंड्या ने।


फिक्स्ड डिपॉजिट के कई फायदे हैं 3 साल से ज्यादा के एफडी पर टैक्स में छूट मिलती है। 3-5 साल के निवेश पर ज्यादातर बैंकों में 7.25-8 फीसदी तक का ब्याज मिलता। इसके साथ ही एफडी में पैसा पूरी तरह सुरक्षित और रिटर्न की गारंटी भी होती है।


अगर फिक्स्ड डिपॉजिट का गणित देखें तो 5 लाख रुपये की रकम 3 साल की अवधि के लिए एफडी में रखने पर 7.25 फीसदी ब्याज दर पर सालाना ब्याज के तौर पर 35,125 रुपये और मासिक ब्याज के तौर पर 2927 रुपये मिलते हैं। वहीं 5 लाख रुपये की रकम 3 साल की अवधि के लिए एफडी में रखने पर 8.00 फीसदी ब्याज दर पर सालाना ब्याज के तौर पर 40,000 रुपये और मासिक ब्याज के तौर पर 3332 रुपये मिलते हैं।


अर्णव पंड्या ने कहा की अगर आप की एफडी चल रही है तो उसमें आपको डरने की जरूरत नहीं क्योंकि आपको एफडी की अवधि में पूर्वनिर्धारित दर पर ही ब्याज मिलेगा। आपके ब्याज में कोई कटौती नहीं होगी। आपको चिंता तब होनी चाहिए जब आपकी पुरानी एफडी के रिन्युअल का समय आ गया हो।


अर्णव पंड्या का कहना है कि आरबीआई दरों में 0.5 फीसदी कमी के बाद बैंक डिपॉजिट पर भी दरें घटाएंगे। और आगे चल कर डिपॉजिट दरें कम होती जाने की संभावना है। ऐसे में अगर आपके एफडी के रिन्युअल का समय हो तो अब लंबी अवधि के लिए एफडी करवाएं। अब लंबी अवधि के एफडी में ही फायदा है। अर्णव पंड्या के मुताबिक एफडी करते समय बैंक के वित्तीय हालात को भी ध्यान में रखें।


अर्णव पंड्या ने कहा कि अभी तो बैंकों ने डिपॉजिट रेट काटना शुरू किया है और पूरी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। आगे चलकर डिपॉजिट दरों में और कटौती हो सकती है। इसलिए अभी निवेशकों के पास लंबे समय के लिए लॉक-इन करने का आखिरी मौका है।


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