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योर मनी: इस दिवाली करें गोल्डन कमाई

प्रकाशित Sat, 31, 2015 पर 19:24  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

फाइनेंशियल प्लानिंग को लेकर आपकी समझ को बढ़ाना, और आपके हर सपने के लिए, एक सही रणनीति देना, योर मनी का यही मकसद है। और इस मकसद में आपके निवेश से जुड़े सवालों का जवाब देने के लिए हमारे साथ हैं वाइसइंवेस्ट एडवाइसर्स के हेमंत रूस्तगी


सबसे पहल बात करते हैं सोने के कमाई की अब आप बैंक में सोना जमा करवाएंगे, तो आपको 2.25 फीसदी का ब्याज मिलेगा। गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत 5 से 7 साल के लिए बैंक में सोना जमा रखने पर अब आपको 2.25 फीसदी का ब्याज मिलेगा । वित्त मंत्रालय से इस स्कीम को हरी झंडी दे दी है।


12-15 साल तक के लिए गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम में सोना जमा करने पर 2.5 फीसदी की दर से सालाना ब्याज मिलेगा। ये ब्याज दरें कारोबारी साल 2015-16 के लिए लागू होंगी। वहीं गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम की सफलता के आधार पर कारोबारी साल 2016-17 के लिए ब्याज दरें तय की जाएंगी। इसके अलावा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के तहत 2.75 फीसदी का ब्याज मिलेगा।


आरबीआई ने गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम लागू करने के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। इनके तहत गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत डिपॉजिट की कोई अधिकतम सीमा नहीं होगी। गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत कम से कम 30 ग्राम खरा सोना डिपॉजिट कराना जरूरी होगा। गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम गोल्ड डिपॉजिट की पुरानी स्कीमों को रिप्लेस करेगी। शुद्धता की परख के बाद ही गोल्ड डिपॉजिट किया जा सकेगा।


गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम में छोटी अवधि में 1-3 साल के लिए गोल्ड डिपॉजिट किया जाएगा। वहीं मध्यम अवधि में 5-7 साल के लिए गोल्ड डिपॉजिट किया जाएगा। इसके अलावा लंबी अवधि में 12-15 साल के लिए गोल्ड डिपॉजिट किया जाएगा।


गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम में तय अवधि से पहले सोना निकालने पर पेनाल्टी लगेगी। आरबीआई के मुताबिक छोटी अवधि के डिपॉजिट से कैश रिजर्व रेश्यो, एसएलआर को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत केवाईसी कराना जरूरी होगा।


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