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जानिए बीमा से जुड़ी कई अहम जानकारियां

प्रकाशित Sat, 23, 2010 पर 13:18  |  स्रोत : Hindi.in.com

23 अक्टूबर 2010



सीएनबीसी आवाज़



सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर पंकज मठपाल का कहना है कि टेलीकॉन्फ्रोसिंग बीमा कराने का विकल्प तभी चुनना चाहिए अगर आपके पास समय की वाकई काफी कमी हो। टेलीफोन के जरिए पॉलिसी लेने में कुछ संदेह रहते हैं क्योंकि कंपनियां ऐसी पॉलिसियों से संबंधित शिकायतों को सुलझाने में रुचि नहीं लेती हैं।



आजकल काफी ग्राहक टेलीफोन के जरिए पॉलिसी लेने को सुविधाजनक समझकर बीमा करा लेते हैं, लेकिन कोई समस्या आने पर कंपनी ब्रांच के जरिए पॉलिसी के क्लेम, नवीनीकरण में रुकावट आ सकती है। ज्यादातर ग्राहकों को कंपनी के कस्टमर केयर में बात करने के लिए कहा जाता है।



इस दिक्कत से बचने के लिए बेहतर है कि आप बीमा एजेंट, कंपनी ब्रांच या कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट के ऑनलाइन माध्यम से पॉलिसी लें। इससे आपके पास पॉलिसी से संबंधित सभी रिकॉर्ड भी होंगे और किसी तरह की दिक्कत आने पर कंपनी गंभीरता से विचार करेगी।


गंभीर बीमारियों के लिए टर्म, हेल्थ इंश्योरेंस-

पंकज मठपाल ने सलाह दी है कि कोटक लाइफ इंश्योरेंस से गंभीर बीमारियों के कवर वाला टर्म प्लान लिया जा सकता है।



कोटक लाइफ इंश्योरेंस में 25 लाख रुपये का टर्म प्लान है जिसमें 30 साल की आयु में पॉलिसी लेने पर सालाना प्रीमियम 4550 रुपये होगा। 35 साल की उम्र में इस पॉलिसी को लेने पर सालाना प्रीमियम 6260 रुपये का बनेगा।


अगर कोई अपने भांजा/भांजी, भतीजा/भतीजी के लिए चाइल्ड प्लान लेना चाहता है तो बीमा दिशानिर्देशों के मुताबिक ये संभव नहीं है। चाइल्ड प्लान सिर्फ माता-पिता ही ले सकते हैं। इंश्योरेबल इंटरेस्ट के लिए कुछ सीमाएं हैं जिनके तहत हर कोई किसी के लिए भी बीमा नहीं करा सकता है।


हेल्थ इंश्योरेंस
प्लान लेते वक्त ग्राहक ने कंपनी को हेल्थ से जुड़ी सारी जानकारी दी हैं और कोई बीमारी नहीं है तो कंपनी बिना किसी कारण के प्रीमियम नहीं बढ़ा सकती हैं।


अगर फिर भी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में कंपनी प्रीमियम बढ़ाती है तो इंश्योरेंस कंपनी को पिछली हेल्थ रिपोर्ट दिखाएं। कंपनी कहे तो फिर से हेल्थ चेक-अप कराकर रिपोर्ट जमा करें। अगर कंपनी फिर भी बढ़ा हुआ प्रीमियम वापस नहीं लेती है तो पॉलिसीधारक ग्रीवेंस रिड्रेसेल सेल में शिकायत कर सकते हैं।



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