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योर मनीः हर उम्र के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग

प्रकाशित Fri, 20, 2015 पर 14:08  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जिंदगी एक बार मिलती है, तो सारे ख्वाब और ख्वाहिशें पूरे करना जरूरी होता है। लेकिन सारे सपने पूरे हो कैसे, इतने पैसें आएं कहां से? यहीं काम आता हो योर मनी , जहां हम आपको, आपके सपनों की जिंदगी जीने की राह दिखाते हैं। हर उम्र में फाइनेंशियल प्लानिंग होती है। योर मनी में आज हर उम्र के निवेश की सही निवेश रणनीति के बारे में बताएंगे वाइसइंवेस्ट एडवाइजर्स के हेमंत रूस्तगी।


20-30 साल के बीच की फाइनेंशियल प्लानिंग
20 से 30 साल की उम्र के युवाओं को मुख्य फोकस अपने लाइफस्टाइल पर होता है। कम उम्र में कपड़ें, मोबाइल, लग्जरी, फैशन पर खर्च ज्यादा होता है यानी लाइफस्टाइल के खर्च ज्यादा होते हैं। लेकिन इस काम के साथ भी उन्हें निवेश की महत्ता को समझना शुरू कर देना चाहिए। युवाओं को इस तथ्य को नहीं भूलना चाहिए कि निवेश जितनी कम उम्र से शुरू किया जाए उतना ही बेहतर रहता है। सबसे पहले तो उन्हें कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है तो अगर कम उम्र से निवेश करना शुरू करते हैं तो लंबी अवधि में बड़ी राशि इकट्ठी की जा सकती है। यानी अगर इक्विटी में निवेश करना है तो जल्दी निवेश करने से उन्हें लंबी अवधि के निवेश का फायदा मिलेगा। इक्विटी में निवेश के लिए एक जानामाना नियम है कि इक्विटी में निवेश के लिए अपनी उम्र को 100 में से कम करें, बाकी बचा इक्विटी में निवेश करें। ऐसा करने से आपकी रिस्क लेने की क्षमता, और ऐसेट एलोकेशन पर स्पष्टता आ जाती है।


30-40 साल के बीच की फाइनेंशियल प्लानिंग
30 साल के बाद आपके जीवन में वास्तविक जिम्मेदारियों का आगमन होना शुरू होता है। इस दौरान आपके जीवन में जीवनसाथी आता है जो अपने साथ कुछ जिम्मेदारियां लेकर आता है। बच्चों का जन्म, उनकी शिक्षा की शुरुआत हो चुकी होती है तो खर्चे भी बढ़ते हैं। साथ ही आपके लिए अपना घर बनाना, वाहन लेना आदि कुछ जरूरी खर्चे भी होते हैं जिन्हें समय पर कर लिया जाए तो बेहतर रहता है। ऐसे समय में आपको निवेश करना शुरू कर देना चाहिए। इक्विटी, डेट का उचित संयोजन आपको करना चाहिए और आपको अपने आर्थिक लक्ष्य इस दौरान तय कर लेने चाहिए और इनके लिए फाइनेंशियल प्लानिंग शुरू कर देनी चाहिए।


फाइनेंशियल प्लानिंग, उम्र के हर पडाव पर बदलती है। यानी, हर उम्र में आपके लक्ष्य अलग होते हैं, और उन्हें पाने का तरीका बदलता है। साथ ही, जिंदगी में आ रहे बदलाव के तेहत आपकी प्राथमिकताएं भी बदलती हैं, जिम्मेदारियां बदलती हैं। योर मनी में आज, उम्र के हर अहम पडाव में कैसे हो फाइनेंशियल प्लानिंग, इस पर चर्चा कर रहे हैं। अब जानते हैं कि 40 साल के बाद की फाइनेंशियल प्लानिंग कैसी होनी चाहिए।


कैसी हो 40 साल के बाद की फाइनेंशियल प्लानिंग
40 साल तक जिंदगी की एहम जिम्मेदारियों की प्लानिंग हो चुकी होती है और आपका लाइफस्टाइल बन चुका होता है। इस दौरान काम 30 साल की उम्र से ज्यादा होता है और इनकम भी ज्यादा होती हैं। घर का लोन, बच्चों की पढाई के लक्ष्यों के साथ मनी मैनेजमेंट पर ज्यादा तवज्जो देने का समय यही होता है। 40 साल के बाद आपका इंश्योरेंस प्राथमिकता में सबसे उपर होना चाहिए क्योंकि आपके ऊपर सिर्फ अपनी नहीं परिवार की भी जिम्मेदारी होती है। इस दौरान आपका कवर बढाने पर भी जोर होना चाहिए।


50 की उम्र में क्या हो फाइनेंशियल प्लानिंग
50 की उम्र में पूरी फोकस रिटायरमेंट प्लानिंग पर होना चाहिए और आपको अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करने की जरूरत होगी। बच्चों की उच्च शिक्षा, शादी आदि जिम्मेदारियां इसी उम्र के दौरान पूरी करनी होती हैं। वहीं 60 साल के पास रिटायरमेंट की उम्र नजदीक आने के चलते, डेट में निवेश बढाना चाहिए।


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