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योर मनी: युवाओं के लिए निवेश के गुरुमंत्र

प्रकाशित Sat, 12, 2015 पर 14:41  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जिंदगी एक बार मिलती है, तो सारे ख्वाब और ख्वाहिशें पूरे करना भी जरूरी होता है। लेकिन सारे सपने पूरे हो कैसे? इतने पैसें आएं कहां से? यहीं काम आता हो योर मनी, जहां हम आपको, आपके सपनों की जिंदगी जीने की राह दिखाते हैं। योर मनी में आपके निवेश से जुड़े सवालों के जवाब दे रहे हैं बोनेंजा पोर्टफोलियो के अचिन गोयल।


सबसे पहले जान लेते हैं एसआईपी के बारे में। एसआईपी यानि सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान इक्विटी या डेट में निवेश का जरिया है। एसआईपी निश्चित राशि की निवेश किया जा सकता है। इसमें हर महीने या तिमाही आधार पर किश्त चुकाने की सुविधा होती है। एसआईपी में बाजार के उतार-चढ़ाव की चिंता नहीं होती।


एसआईपी में छोटे बजट के साथ भी निवेश शुरू करने की सुविधा होती है। कुछ फंडो में तो 10 रुपये से भी निवेश शुरू कर सकते हैं। कई फंडों में एसआईपी 1000 रुपये महीने से शुरू होती है।


अचिन गोयल की सलाह है कि सैलरी बढ़ते ही या इनकम बढ़ते ही एसआईपी करवायें। एनपीए के जरिए किसी फंड का प्रदर्शन पता चलता है। अगर निवेश का नजरिया लंबा हो तो एसआईपी करना फायदेमंद होता है।


आइये अब बात करते हैं यंग इंवेस्टर्स की। यंग इंवेस्टर्स निवेश को लेकर ज्यादा सतर्क रहें। यंग इंवेस्टर्स जानकारी की कमी के वजह से या फिर अति आत्मविश्वास की वजह से में पोर्टफोलियो को पूरी तरह से डाइवर्सिफाई नहीं करते, जो उनके लिए जोखिम बढ़ा देता है। हाई इनकम ग्रुप को पोर्टफोलियो में एसेट एलोकेशन ज्यादा रखना चाहिए। ज्यादा मुनाफे के लिए अपने पोर्टफोलियो में डाइवर्सिफिकेशन ज्यादा रखें।


गौरतलब है कि स्टॉक मार्केट में निवेश मंहगाई को मात दे सकता है। अगर लंबी अवधी का नजरिया हो तो स्टॉक मार्केट का निवेश आपको मुनाफा दे सकता है।


ध्यान रखें कि हर एसेट क्लास का रिटर्न अलग-अलग हो सकता है। पोर्टफोलियो में हर एसेट क्लास का परफार्मेंस अलग होता है। लिहाजा जितना ज्यादा एसेट क्लास होगा उतना बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना रहेगी। इसलिए अलग-अलग फंडों को चुनकर निवेश करें।


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