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करिए दुनिया की सैर, लेकिन न भूलें ट्रैवल इंश्योरेंस

प्रकाशित Sat, 19, 2015 पर 14:58  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इंश्योरेंस पॉलिसी निवेश के लिए नही होती है, ये आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा के लिए खरीदनी चाहिए। टर्म प्लान और हैल्थ इंश्योरेंस, ही सही इंश्योरेंस हैं। आज योर मनी में हमारा फोकस इंश्योरेंस से जुडे मामलों पर होगा। आपके सवालों का जवाब देने के लिए हमारे साथ हैं एटिका वेल्थ मैनेजमेंट के निखिल कोठारी।


आज हम सबसे पहले बात करते हैं ट्रैवल इंश्योरेंस की। घूमने फिरने का प्लान तो हम बना लेते हैं, लेकिन उस से जुडी एक अहम प्लानिंग, यानी ट्रेवल इंश्योरेंस लेना भूल जाते हैं, या फिर उसे जरूरी नही समझते। आईसीआईसीआई लोम्बार्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक 91 फीसदी लोगों को ट्रेवल इंश्योरेंस के बारे में पता है लेकिन 58 फीसदी इसे खरीदना ज़रूरी नहीं समझते। 79 फीसदी लोगों को लगता है ट्रेवल इश्योरेंस मेडिकल इमरजेंसी के लिए है। वहीं 60 फीसदी को लगता है बैगेजसेफ्टी के लिए ट्रेवल इंश्योरेंस जरूरी होता है। 38 फीसदी मानते हैं विदेश यात्रा के लिए ट्रेवल इंश्योरेंस जरूरी नहीं। वहीं 27 फीसदी लोग मानते है कि ट्रेवल इंश्योरेंस सिर्फ सामान चोर और एक्सिडेंट कवर करता है।


हमारी सलाह है अगर आप विदेश के सफर पर निकलें तो ट्रैवल इंश्योरेंस लेना ना भूलें। क्योंकि इससे सफर के दौरान जो भी मुसीबत आ सकती है उनसे निपटना आसान हो जाता है और ये सामान खोने या मेडिकल एमरजेंसी में भी काम आता है। इंश्योरेंस इंडस्ट्री के एक्पर्टस मानते है कि अमूमन लोगों को लगता है कि ट्रैवल इंश्योरेंस सिर्फ हवाई यात्रा में कुछ होने पर ही मदद करता है लेकिन ये नहीं जानते कि यात्रा के दौरान किसी भी तरह के मेडिकल एसरजेंसी में भी आपकी और आपकी फैमली की पैसों की जरूरत को पूरा कर सकता है।


आप बजाज अलियान्ज़, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड, टाटा एआईजी, एचडीएफसी अर्गो और रेलिगेयर भी ट्रैवल इंश्योरेंस देते है जो कम से कम 200 रुपए से शुरु होती है और ये ट्रैवलर के हिसाब से अलग-अलग तरह की होती है।


ट्रैवल इंश्योरेंस को आप अपनेसामान खो जाने पर भी इस्तेमाल कर सकतें हैं। इतना ही नहीं, आप इसे खरीदते तो रूपए में है लेकिन सेटलमेंट डॉलर में होती है। इसका इस्तेमाल भी आसान है, इंश्योरेंस लेते समय आपको एक हेल्पलाइन नंबर दिया जाता है जिस पर कॉल करके आप क्लेम हासिल कर सकते हैं।


सवाल: हैल्थ इंश्योरेंस क्या होता है, मेडिक्लैम क्या होता है, लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी और बाकी पॉलिसी में क्या अंतर है?


जवाब: मेडिक्लैम और हैल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी एक ही हैं। हैल्थ पॉलिसी में अलग-अलग फीचर्स होते हैं। हैल्थ इंश्योरेंस में अस्पताल के खर्च का इंश्योरेंस कवर मिलता है। हैल्थ इंश्योरेंस में 24 घंटे से ज्यादा अस्पताल में रहने का कवर मिलता है। इंश्योरेंस कवर में रूम रेंट, डॉक्टर फीस, दवाइयों का खर्च, जांच का खर्च कवर होता है। कई नई पॉलिसी में ओपीडी चार्ज भी शामिल है।


इसके लिए आपको अस्पताल में भर्ती होने के 48 घंटे के भीतर इंश्योरेंस कंपनी को सूचना देना जरूरी होता है। इंश्योरेंस कंपनी एक क्लेम रिफरेंस नंबर देगी, जिसे आप क्लैम फार्म पर डालेंगे। डिसचार्ज होने पर क्लैम फार्म को जरूरी दस्तावेजों के साथ, इंश्योरेंस कंपनी को जमा करना जरूरी होता है। कैशलेस इंश्योरेंस कवर में अस्पताल में फार्म भरना होगा। अस्पताल इंश्योरेंस कंपनी को फैक्स को करके अप्रूवल लेगी। हैल्थ इंश्योरेंस अस्पताल के खर्च और बीमारियों के खर्च को कवर करता है, जबकि लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी होल्डर के न रहने पर उसके नॉमिनी को सम अश्योर्ड देता है।


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