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पैन पर जारी नए नियम, किन बातों का रखें ध्यान

प्रकाशित Sat, 09, 2016 पर 16:55  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स से डरिए नहीं बल्कि टैक्स भरिए और टैक्स भरने की राह में आपको जितनी भी मुश्किले आती है उसको दूर करते है हम बिल्कुल अपने पर्सनल टैक्स गाइड की तरह। तो चलिए टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया की मदद से दूर करते है टैक्स से जुड़ी आप की हर उलझन।


2016 में आपका पैन नंबर काफी महत्त्वपूर्ण नंबर हो जाएगा क्योंकि पैन पर अब नए नियम जारी हुए है। इन नए नियमों के बाद टैक्सपेयर्स को अब कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। जैसे कि आप जो भी बड़े ट्राजैक्शन करेंगे, टैक्स में आपको पैन दिखाना ही होगा। लेकिन अगर आपके पास पैन नहीं है और कोई ऐसा ट्रांजैक्शन करना है जिसमें पैन अर्निवार्य है तो आपको फॉर्म 60 भरना होगा। 
   
टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया के मुताबिक 10 लाख रु से ज्यादा की अचल संपत्ति की खरीद-फरोख्त पर, कैश कार्ड या प्रीपेड कार्ड से 50,000 रु से ज्यादा के भुगतान पर पैन नंबर देना जरुरी होगा। को-ऑपरेटिव, डाकघर, एनबीएफसी में 5 लाख रु से ज्यादा की एफडी पर, बैंकों में 50 हजार रु से ज्यादा के नकद डिपॉजिट पर, होटल, रेस्टोरेंट में 50 हजार से ज्यादा के नकद भुगतान पर और 2 लाख रु से ज्यादा के शॉपिंग पर भी पैन जरुरी होगा।

इसके अलावा विदेशी यात्रा या विदेशी मुद्रा खरीदने पर 50 हजार रु से ज्यादा के नकद भुगतान पर, डीमैट एकाउंट खोलने पर, 1 लाख रु से ज्यादा के नॉन-लिस्टेड कंपनियों के शेयर का खरीद-फरोख्त पर, सालभर में 50 हजार से ज्यादा के जीवन बीमा प्रीमियम का भुगतान करने पर पैन नंबर देना होगा।


अगर आप के पास पैन नहीं है तो बेहतर होगा कि आप पैन के लिए आवेदन करें और बड़े ट्रांजैक्शन के लिए फॉर्म 60 भर दें। करदाता को फॉर्म 60 में बताना होगा कि पैन क्यों नहीं है और साथ ही अपना एड्रेस प्रूफ भी देना होगा। खेती से आयवालों को फॉर्म 61 भरना होगा।         


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