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पुराने और नए निवेश विकल्प में कौन है बेहतर

प्रकाशित Sat, 30, 2016 पर 18:06  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पर्सनल फाइनेंस यानी आपकी जिंदगी की वो प्लानिंग जहां आप अपने सभी आर्थिक फैसले, बेखौफ और बेझिक होकर ले सकें। योर मनी आपको इन्ही फैसलों को लेने का भरोसा देता है। आज निवेश के गुरूमंत्र जानिए बिड़ला सनलाइफ के सीईओ ए बाला सुब्रमनियन से।


आइये सबसे पहले जानते हैं पुराने और नए निवेश विकल्प में कौन से हैं बेहतर। हम अक्सर निवेश के कई सारे विकल्पों को लेकर भ्रमित हो जाते हैं। खास कर अगर इंट्रेस्ट की बात हो तो। निवेश के पुराने विकल्पों को देखें तो फिक्सड डिपॉजिट, आरडी, स्माल सेविंग स्कीम में रिर्टन तो मिलता है, लेकिन फक्सिड। नए वकिल्पों में शेयर बाजार, एमएफ में लोग पैसे डालने से घबराते हैं।


आपको बता दें कि 2015 में भारत की एमएफ इंडस्ट्री की सबसे ज्यादा ग्रोथ हुई है। एमएफ फोलियो में 13.8 फीसदी का इजाफा हुआ है। इक्विटी स्किम में सबसे ज्यादा निवेश हुए हैं। रिटेल निवेशकों का इक्विटी निवेश में रूझान बढ़ा है। इस अवधि में रिटेल निवेशकों का इक्विटी पोर्टफोलियो 4.37 करोड़ रुपये रहा है।


क्या फर्क है पुराने और नए निवेश के विकल्प में, किसमें आपको मिलेगा बेहतर रिटर्न और सुरक्षा, इन्ही मुद्दों पर बात करते हुए ए बाला सुब्रमनियन ने कहा कि निशकों को एमएफ में पैसे लगाते समय घबराना नहीं चाहिए। एफडी में हर साल इंटरेस्ट बढ़ता-घटता रहता है। वहीं बाजार के हिसाब से रिटर्न के लिए रिस्क जरूरी होता है।


ए बाला सुब्रमनियन  के मुताबिक बाजार में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करें। बाजार के उतार-चढ़ाव से घबराएं नहीं। नये निवेशक एमएफ में 1000 रुपये महीने से निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। लिक्विडिटी के लिहाज से एमएफ सबसे बेहतर निवेश विकल्प है।


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