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प्रॉपर्टी के कानूनी दांव पेंच

प्रकाशित Sat, 30, 2010 पर 15:14  |  स्रोत : Hindi.in.com

30 अक्टूबर 2010

सीएनबीसी आवाज़



जानते हैं प्रॉपर्टी से जुडे कानूनी दांव पेंच पर लीगल एक्सपर्ट उदय वावीकर की सलाह - 


सवाल: नोएडा में फ्लैट बुक किया था। एग्रीमेंट में लिखा है कि बिल्डर सरकार को प्रोजेक्ट की आखरी किस्त 2020 में देगा। क्या 3 साल बाद फ्लैट हमारे नाम पर ट्रांसपर होगा? 

उदय वावीकर: एग्रीमेंट में पजेशन की तारीख देखकर ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट, कंप्लीशन सर्टिफिकेट के साथ बिल्डर से पजेशन मांग सकते है। यदि बिल्डर समय पर सरकार को प्रोजेक्ट के पैसे न दे तो आप रकम का भुगतान कर सकते है। बिल्डर से अपनी रकम ब्याज के साथ वापस मांग सकते है अगर न दे तो उसके खिलाफ कंज्यूमर कोर्ट में केस कर सकते है। 

 
सवाल:
नवी मुंबई में एक बडे बैंक से नीलामी फ्लैट खरीदा था। फ्लैट नाम पर रजिस्टर्ड है लेकिन पजेशन से पहले बिल्डर ने 1.30 लाख रुपये मांग रहा है। फ्लैट के पूराने मालिक ने ये रकम बिल्डर को पहले ही दे दी है? ऐसे में बिल्डर का दोबारा पैसे मांगना जायज है?
 
उदय वावीकर: फ्लैट नीलामी में खरीदा है, ऐसे में फ्लैट से जुडी सभी शर्तें पता कर करनी चाहिए। एग्रीमेंट में शर्त हो कि फ्लैट की बकाया रकम नए खरीदार को देनी होगी, ऐसे में आपको पैसे देने होंगे। अगर ऐसी कोई शर्त न हो तो बिल्डर के खिलाफ कंज्यूमर कोर्ट में या सिविल कोर्ट में क एस दर्ज कर सकते है।      


सवाल: रायपूर में कर्ज लेकर फ्लैट खरीदा था। कर्ज के पैसे वक्त से पहले लौटाने के बाद भी बैंक ने 18 हजार जुर्माना लिया है। तो बैंक से पैसे वापस कैसे लिए जा सकते है?

उदय वावीकर:
बैंक के साथ किया घर कर्ज के एग्रीमेंट में प्रीपेमेंट से जुडी शर्ते देखें। एग्रीमेंट में प्रीपेमेंट करने पर जुर्माने की शर्त हो तो बैंक का पैसा लेना सही होगा। अगर ऐसी कोई शर्त न हो तो पैसे वापस लेने के लिए बैंक के खिलाफ कंज्यूमर कोर्ट जाएं। 


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