टैक्स गुरुः नहीं भरा रिटर्न, तो क्या करें -
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टैक्स गुरुः नहीं भरा रिटर्न, तो क्या करें

प्रकाशित Sat, 13, 2016 पर 16:13  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन की राय।


बलवंत जैन का कहना है कि इनकम टैक्स रिटर्न की अंतिम तारीख के बीत जाने के बाद भी आईटी रिटर्न भर सकते है। वित्त वर्ष 2016 का रिटर्न 31 मार्च 2018 तक भर सकते है। आईटीआर भरने के बाद सुधार करना मुश्किल नहीं होता है। टैक्स बकाया होने पर पेनल्टी देनी होगी। इसमें लॉस कैरी फॉरवर्ड की नहीं होती। रिफंड पर ब्याज का नुकसान सहना होगा। रिटर्न भरने में ज्यादा देरी करने पर इनकम टैक्स अफसर 5000 रुपये का जुर्माना लगा सकता है।


सवालः ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट पर क्या कोई टैक्स के नियम है या नहीं।


बलवंत जैनः सरकारी कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की पुरी रकम टैक्स फ्री होती है। पीएसयू या निजी कंपनिय़ों के कर्मचारियों के लिए अधिकतर 10 लाख रुपये की ग्रेच्युटी टैक्स फ्री होती है। हर पुरे साल की सर्विस के लिए 15 दिन की सैलरी ग्रेच्युटी के तौर पर होती है। लीव इनकैशमेंट अधिकतर 10 महीने के लिए टैक्स फ्री होगा। लीव इनकैशमेंट अधिकतर सीमा 3 लाख रुपये होती है।


सवालः लिक्विड फंड में 2 लाख रुपये का निवेश किया है, पैसे निकालने पर क्या टैक्स भरना होगा।


बलवंत जैनः लिक्विड फंड में निवेश पर टैक्स देनदारी निवेश की अवधि पर निर्भर करेगी। 36 महीने बाद बेचने पर हुआ फायदा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन कहलाता है। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर इंडेक्सेशन का फायदा मिलेगा। और इस इंडेक्सेशन के बाद हुए फायदे पर 20 फीसदी टैक्स भरना होगा।


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