Moneycontrol » समाचार » निवेश

पहला कदम: फाइनेंशियल लिटरेसी पर दिग्गजों की राय

प्रकाशित Sat, 20, 2016 पर 13:39  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सीएनबीसी-आवाज़ का फाइनेंशियल लिटरेसी का मुहिम पहला कदम इस सीजन के आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है जिसे हमने महाकुंभ का नाम दिया है। पिछले साल 15 अगस्त यानि स्वतंत्रता दिवस से इस मुहिम की शुरुआत की गई थी। इस मुहिम का मकसद है लोगों की जिंदगी में आर्थिक खुशहाली लाना और ये आर्थिक खुशहाली फाइनेंशियल लिटरेसी के बिना मुमकिन नहीं है। फाइनेंशियल लिटरेसी की इस मुहिम के जरिए सीएनबीसी-आवाज़ ने देश के लोगों को उनकी अपनी सीधी-सादी और सरल भाषा में फाइनेंशियल मार्केट की कठिन और जटिल बातों को समझाने की पहल की। जिस तरह सीएनबीसी आवाज की इस पहल को लोगों का समर्थन मिला हम समझते हैं कि कुछ हद तक हम अपने मकसद में कामयाब हुए हैं। पिछले 1 साल हमने 50 एपिसोड में बचत और निवेश के हर पहलू को पूरी बारीकी से समझाने की कोशिश की है। पहला कदम महाकुंभ में आज एनएसई की सीईओ चित्रा रामकृष्ण ने सीएनबीसी-आवाज़ के साथ की खास बातचीत।


चित्रा रामकृष्ण ने अपनी बात शुरु करते हुए कहा कि फाइनेंशियल लिटरेसी से ही आर्थिक आजादी मिलेगी। आम लोगों में फाइनेंशियल लिटरेसी की बहुत जरूरत है। बचत और निवेश की जानकारी बेहद अहम है। पहला कदम की मुहिम से  आम लोगों को फायदा होगा। जानकारी ही ताकत है और बाजार की जानकारी से ही निकलेगा। आर्थिक आजादी का रास्ता। आम लोगों में बाजार की समझ पैदा करना हमारी जिम्मेदारी है। जानकारी पैसे के सही इ्स्तेमाल का हुनर पैदा करती है। देश में फाइनेंस की समझ काफी कम है। हमें बचत और निवेश को जीवन का हिस्सा बनाना होगा। बचत और निवेश से ही देश की खुशहाली की राह निकलेगी।


चित्रा रामकृष्ण के मुताबिक पैसे का सही मैनेजमेंट बड़ी चुनौती है। इसके लिए अब निवेश के नए रास्ते अपनाने होंगे। बचत और निवेश के पुराने तरीकों में बदलाव की जरूरत। लोगों तक जानकारी पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। 20 साल में बाजार में कई सुधार और बदलाव आए है। बाजार में सुधार से खुशहाली का रास्ता खुला है। हमें आर्थिक खुशहाली को नीचे तक ले जाना होगा। नए प्रोडक्ट्स में निवेश से खुशहाली संभव है।


चित्रा रामकृष्ण ने आगे कहा कि एनएसई ने अपनी अबतक की 20 साल की यात्रा में इन्वेस्टर्स एजुकेशन पर काफी फोकस किया है। हर उम्र के लोगों के लिए एजुकेशन प्रोग्राम चलाए हैं। एनएसई का नए निवेशकों के लिए सरल निवेश प्रोडक्ट्स और कम लागत वाले इन्वेस्टमेंट व्हीकल पर जोर रहा है। जिसके तहत ईटीएफ लॉन्च किए गए इंडेक्स ईटीएफ से नए निवेशकों और छोटे निवेशकों को फायदा भी हुआ है। चित्रा रामकृष्ण ने कहा कि एसआईपी के जरिए ईटीएफ में निवेश फायदेमंद है। देश के 100 शहरों में एनएसई की मौजूदगी है। एनएसई का दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचने का लक्ष्य है जिसके लिए मोबाइल और इंटरनेट के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है।


निवेश की शुरुआत कैसे करें इस सवाल पर बात करते हुए चित्रा रामकृष्ण ने कहा कि नए निवेशक इक्विटी की जगह दूसरे प्रोडक्ट्स चुन सकते हैं। एनएसई के प्लेटफॉर्म पर सरकारी सिक्योरिटीज और बॉन्डस भी मौजूद हैं। एनएसी ने गोल्ड बॉन्ड्स भी लॉन्च किए हैं। एनएसी पर म्युचुअल फंड्स में निवेश भी मुमकिन है। नए निवेशकों के लिए डेट, म्युचुअल फंड्स और ईटीएफ बेहतर विकल्प हैं।


एनएसी के इन्वेस्टर्स एजुकेशन प्रोग्राम पर बात करते हुए चित्रा रामकृष्ण ने कहा कि बाजार की जानकारी सीधी और सरल भाषा में हो इसको ध्यान में रखते हुए नए प्रयोगों और तरीकों पर काम किया जा रहा है। आम लोगों में वित्तीय जानकारी बढ़ाने के लिए एनएसई की तरफ से डिजिटल, मोबाइल, इंटरनेट और क्विज प्रोग्राम का इस्तेमाल किया जा रहा है। नई पीढ़ी खासकर बच्चों को ध्यान में रखकर एजुकेशन प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। एनएसई का फाइनेंस की बुनियादी जानकारी मुहैया कराने और टियर-2 शहरों में इन्वेस्टर्स एजुकेशन पर फोकस है। नए प्रोफेशनल्स की फाइनेंशियल प्लानिंग पर जोर दिया जा रहा है और हर उम्र के लोगों के लिए अलग-अलग प्रोग्राम चलाया जाता रहा है।


भारतीय बाजार कितने सुरक्षित इस सवाल का जवाब देते हुए चित्रा रामकृष्ण ने कहा कि 20 साल में भारतीय बाजारों में भारी बदलाव आए हैं। रिस्क मैनेजमेंट और सेटलमेंट सिस्टम में काफी सुधार हुआ है जिससे भारतीय बाजारों पर निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है। भारतीय बाजार ग्लोबल इन्वेस्टर प्रोटेक्शन बेंचमार्क में काफी ऊपर के पायदान पर हैं। टेक्नोलॉजी से आए बदलाव पर बात करते हुए चित्रा रामकृष्ण ने कहा कि एनएसई मेक इन इंडिया का सबसे बड़ा उदाहरण है। उसने घरेलू स्तर पर देशी जरूरतों के मुताबिक सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है।


एनएसई के इन्वेस्टर्स एजुकेशन प्लान पर बात करते हुए चित्रा रामकृष्ण ने कहा कि पहले इक्विटी पर आधारित कोर्सेज थे अब पूरे फाइनेंशियल मार्केट से जुड़े कोर्सेज पर फोकस किया जा रहा है। शॉर्ट टर्म कोर्सेज के बाद लॉन्ग टर्म कोर्सेज शुरू किए गए हैं। डिप्लोमा इन फाइनेंशियल मार्केट लॉन्च भी लॉन्च किया गया है। इस तरह के कोर्सेज में ग्रेज्युएट छात्रों की दिलचस्पी बढ़ी है। इसके साथ ही कॉरपोरेट्स के लिए खास कोर्सेज डिजाइन किए गए हैं और एनसीएफएम का विस्तार किया गया है।


एनएसई के नए प्लान के बारे में बताते हुए चित्रा रामकृष्ण ने कहा कि आगे देश के कई हिस्सों तक पहुंच बढ़ाने की योजना है। नए बिजनेस सेंटरों की पहचान कर ली गई है। एनएसई की इंटरमीडियरीज के जरिए कारोबार करने की योजना है। इंटरनेट और मोबाइल के जरिए लोगों से जुड़ने की पहल और मोबाइल प्लेटफॉर्म पर नए निवेशकों से जुड़ाव पर एक्सचेंज की फोकस होगा। चित्रा रामकृष्ण की निवेशकों को सलाह है कि उनको आय के सही जगह निवेश की समझ बढ़ानी चाहिए जिसके लिए टेक्नोलॉजी नए निवेशकों को जानकारी मुहैया कराने में मददगार साबित हो सकती है।


वीडियो देखें